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मई में भी नहीं थमी FPI की सेलिंग, भारतीय शेयरों से निकाले ₹33000 करोड़; रुख क्यों नहीं हो पा रहा पॉजिटिव

FPI's Selling in May: बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि भारतीय कंपनियों के तिमाही नतीजे अपेक्षा से कमजोर रहने, रुपये में लगातार गिरावट और अमेरिका, जापान, दक्षिण कोरिया व ताइवान जैसे बाजारों में बेहतर रिटर्न से विदेशी निवेशकों ने अपना पैसा वहां शिफ्ट किया है

Edited By: Ritika Singhअपडेटेड May 31, 2026 पर 1:12 PM
मई में भी नहीं थमी FPI की सेलिंग, भारतीय शेयरों से निकाले ₹33000 करोड़; रुख क्यों नहीं हो पा रहा पॉजिटिव
वर्ष 2026 में अब तक FPI भारतीय शेयर बाजार से कुल 2.25 लाख करोड़ रुपये निकाल चुके हैं।

विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPI) की भारतीय शेयर बाजार में सेलिंग मई महीने में भी जारी रही। मई में उन्होंने 32,963 करोड़ रुपये के भारतीय शेयर बेचे। हालांकि बिकवाली की रफ्तार पिछले महीनों की तुलना में कुछ धीमी रही। मॉर्निंगस्टार इनवेस्टमेंट रिसर्च इंडिया के प्रिंसिपल-मैनेजर रिसर्च हिमांशु श्रीवास्तव का कहना है कि इससे संकेत मिलता है कि विदेशी निवेशक भारत में अपना निवेश घटाने के मामले में पहले की तुलना में कम आक्रामक हो गए हैं।

कंपनियों के उम्मीद से कमजोर तिमाही नतीजों, रुपये में लगातार गिरावट और अन्य वैश्विक बाजारों में बेहतर अवसरों के कारण विदेशी निवेशकों ने भारतीय बाजार में निवेश घटाया है। नेशनल सिक्योरिटीज डिपॉजिटरी लिमिटेड (NSDL) के आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2026 में अब तक FPI भारतीय शेयर बाजार से कुल 2.25 लाख करोड़ रुपये निकाल चुके हैं। 2025 में उन्होंने 1.66 लाख करोड़ रुपये की निकासी की थी।

इस साल अब तक फरवरी को छोड़कर दूसरे सभी महीनों में विदेशी निवेशक नेट सेलर रहे हैं। जनवरी में उन्होंने भारतीय शेयरों से 35,962 करोड़ रुपये निकाले थे। वहीं फरवरी में 22,615 करोड़ रुपये का निवेश किया था, जो 17 महीनों का सबसे बड़ा मासिक निवेश था। इसके बाद मार्च में रुख फिर बदल गया और विदेशी निवेशकों ने रिकॉर्ड 1.17 लाख करोड़ रुपये की निकासी की। अप्रैल में 60,847 करोड़ रुपये और अब मई में करीब 33,000 करोड़ रुपये के शेयर बेचे।

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