FPI : विदेशी पोर्टफोलियो निवेशक (FPI) भारतीय शेयर बाजार में जमकर निवेश कर रहे हैं। मई महीने में FPI ने भारतीय इक्विटी में 43000 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश किया है। यह पिछले 9 महीनों में विदेशी निवेशकों द्वारा किया गया सबसे अधिक निवेश है। FPI फाइनेंशियल सर्विसेज से जुड़े शेयरों में बड़े पैमाने पर निवेश के साथ सभी सेक्टर्स में खरीदार रहे हैं। एक्सपर्ट्स का मानना है कि FPI का यह निवेश आगे भी जारी रहने की संभावना है।
एनएसडीएल के आंकड़ों के अनुसार भारतीय इक्विटी में एफपीआई का निवेश मई में 43,838 करोड़ रुपये रहा। यह साल 2023 में किसी महीने में किया गया अब तक का सबसे अधिक निवेश है। इसके अलावा, पिछले साल नवंबर के बाद अब तक का सबसे अधिक मासिक निवेश भी है।
जियोजित फाइनेंशियल सर्विसेज के मुख्य निवेश रणनीतिकार डॉ वी के विजयकुमार ने कहा, “FPI ने मई में बाजार में अग्रेसिव तरीके से खरीदारी की है। उन्होंने स्टॉक मार्केट और प्राइमरी मार्केट के माध्यम से 43838 करोड़ रुपये का निवेश किया है। विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों के बीच एक सर्वे से पता चला है कि भारत अब सभी उभरते बाजारों के बीच सबसे अहम है। मई में भारत ने सभी उभरते बाजारों में सबसे बड़ा निवेश आकर्षित किया। जबकि FPI ने चीन में बिकवाली की है।"
आगे कैसा रहेगा निवेशकों का रूझान
उन्होंने आगे कहा कि एफपीआई के जून में भी भारत में अपना निवेश जारी रखने की संभावना है। उनके मुताबिक लेटेस्ट जीडीपी डेटा ने मजबूत अर्थव्यवस्था के संकेत दिए हैं, जो बाजार के लिए पॉजिटिव है। फाइनेंशियल, ऑटोमोबाइल, टेलीकॉम और कंस्ट्रक्शन सेक्टर बड़े निवेश को आकर्षित कर रहे हैं।
जून के पहले दो दिनों में 6489 करोड़ का निवेश
जून के पहले दो दिनों में ही भारतीय बाजारों में विदेशी निवेशकों ने 6489 करोड़ रुपये का निवेश किया है। अप्रैल महीने में FPI का निवेश 11,631 करोड़ और मार्च में 7,936 करोड़ रहा था। मार्च का निवेश मुख्य रूप से अमेरिका स्थित जीक्यूजी पार्टनर्स द्वारा अदाणी ग्रुप की कंपनियों में बड़े निवेश के चलते पॉजिटिव रहा। इस साल अब तक एफपीआई भारतीय इक्विटी में 35748 करोड़ रुपये के निवेश के साथ नेट बायर्स बने हुए हैं।