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FPI ने फरवरी में भारतीय शेयरों में लगाए ₹22615 करोड़, टूटा 17 महीनों का रिकॉर्ड

FPI's Buying in February: 17 महीने पहले यानि कि सितंबर 2024 में FPI ने भारतीय शेयरों में 57724 करोड़ रुपये डाले थे। फरवरी 2026 में सेक्टर्स के हिसाब से विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों ने फाइनेंशियल सर्विसेज और कैपिटल गुड्स सेक्टर में बड़े पैमाने पर खरीद की

Edited By: Ritika Singhअपडेटेड Mar 01, 2026 पर 1:28 PM
FPI ने फरवरी में भारतीय शेयरों में लगाए ₹22615 करोड़, टूटा 17 महीनों का रिकॉर्ड
कुल मिलाकर FPI ने 2025 में अब तक भारतीय शेयर बाजार से शुद्ध रूप से 1.66 लाख करोड़ रुपये निकाले हैं।

विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPI) ने फरवरी में भारतीय शेयर बाजार में 22,615 करोड़ रुपये डाले हैं। यह 17 महीने का उच्च स्तर है। इसकी वजह भारत-अमेरिका के बीच अंतरिम व्यापार समझौता, घरेलू बाजार के वैल्यूएशंस में कमी और कंपनियों के तीसरी तिमाही के बेहतर नतीजे हैं। डिपॉजिटरी के आंकड़ों के अनुसार, फरवरी में खरीद से पहले लगातार 3 महीनों तक FPI सेलर रहे थे। उन्होंने जनवरी में 35,962 करोड़ रुपये, दिसंबर 2025 में 22,611 करोड़ रुपये और नवंबर 2025 में 3,765 करोड़ रुपये की सेलिंग की थी।

कुल मिलाकर FPI ने 2025 में अब तक भारतीय शेयर बाजार से शुद्ध रूप से 1.66 लाख करोड़ रुपये (18.9 अरब डॉलर) निकाले हैं। 17 महीने पहले यानि कि सितंबर 2024 में FPI ने भारतीय शेयरों में 57724 करोड़ रुपये डाले थे।

न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, एंजल वन लिमिटेड के सीनियर फंडामेंटल एनालिस्ट जावेद खान का कहना है कि तीन खास वजहों से FPI के निवेश को सपोर्ट मिला। इनमें भारत-अमेरिका व्यापार करार, भारतीय बाजार के वैल्यूएशंस में कमी और दिसंबर 2025 तिमाही में कंपनियों की कमाई 14.7 प्रतिशत बढ़ना शामिल है। इससे FPI का भरोसा बढ़ा है।

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