FPI की ओर से भारतीय बाजारों में खरीद जारी, जुलाई में अब तक शेयरों में लगाए ₹33,600 करोड़

FPI's Investment in Equities: इससे पहले राजनीतिक स्थिरता और बाजारों में तेज उछाल के कारण जून में उन्होंने शेयरों में 26,565 करोड़ रुपये का निवेश किया था। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि IMF और ADB की ओर से भारत की GDP के अनुमान में बढ़ोतरी की वजह से भी FPI निवेश बढ़ेगा। FPI ने जुलाई महीने में अब तक बॉन्ड बाजार में 19,223 करोड़ रुपये डाले हैं

अपडेटेड Jul 28, 2024 पर 12:51 PM
  • Follow Us On Google
  • Add as a Preferred Source on Google
FPI ने पिछले तीन कारोबारी सत्रों 24-26 जुलाई में शेयरों से 7,200 करोड़ रुपये से अधिक की निकासी की है।

विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPI or Foreign Portfolio Investors) की ओर से भारतीय शेयर बाजारों में निवेश का सिलसिला जारी है। नीतिगत सुधार जारी रहने की उम्मीद, सतत आर्थिक वृद्धि और कंपनियों के उम्मीद से बेहतर तिमाही नतीजों के बीच FPI ने जुलाई महीने में अब तक भारतीय शेयर बाजार में 33,600 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश किया है। हालांकि, सरकार की ओर से बजट में फ्यूचर एंड ऑप्शंस ट्रेड (F&O) पर और इक्विटी निवेश से कैपिटल गेन्स पर टैक्स में बढ़ोतरी के बाद FPI ने पिछले तीन कारोबारी सत्रों 24-26 जुलाई में शेयरों से 7,200 करोड़ रुपये से अधिक की निकासी की है।

बाजार विशेषज्ञों का मानना ​​है कि भारतीय शेयर बाजार और बॉन्ड बाजार इस साल विदेशी निवेश आकर्षित करने के लिए अच्छी स्थिति में है। हालांकि, कुछ घटनाक्रमों की वजह से मासिक आधार पर इनमें कुछ उतार-चढ़ाव रह सकता है। डिपॉजिटरी के आंकड़ों के मुताबिक, FPI ने इस महीने 26 जुलाई तक शेयरों में शुद्ध रूप से 33,688 करोड़ रुपये का निवेश किया है।

जून में रहे थे बायर


इससे पहले राजनीतिक स्थिरता और बाजारों में तेज उछाल के कारण जून में उन्होंने शेयरों में 26,565 करोड़ रुपये का निवेश किया था। FPI ने चुनावी नतीजों को लेकर असमंजस के बीच मई में शेयरों से 25,586 करोड़ रुपये निकाले थे। मॉरीशस के साथ भारत की कर संधि में बदलाव और अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में वृद्धि की चिंता के बीच अप्रैल में उन्होंने 8,700 करोड़ रुपये से अधिक की निकासी की थी।

न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, मॉर्निंगस्टार इनवेस्टमेंट रिसर्च इंडिया के एसोसिएट डायरेक्टर-मैनेजर रिसर्च हिमांशु श्रीवास्तव ने कहा का कहना है कि सितंबर में अमेरिकी फेडरल रिजर्व की ओर से ब्याज दर में कटौती की उम्मीद बढ़ी है। अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) और एशियाई विकास बैंक (ADB) की ओर से भारत की GDP के अनुमान में बढ़ोतरी की वजह से भी FPI निवेश बढ़ेगा।

सेंसेक्स की टॉप 10 कंपनियों में से 6 का m-cap ₹1.85 लाख करोड़ बढ़ा, LIC को सबसे ज्यादा फायदा

बॉन्ड बाजार की क्या स्थिति

आंकड़ों के अनुसार, FPI ने जुलाई महीने में अब तक शेयरों के अलावा डेट या बॉन्ड बाजार में 19,223 करोड़ रुपये डाले हैं। बॉन्ड बाजार में FPI का निवेश इस साल अब तक 87,847 करोड़ रुपये पर पहुंच गया है। आंकड़ों के अनुसार, FPI ने जून में डेट या बॉन्ड बाजार में 14,955 करोड़ रुपये डाले। मई महीने में 8,761 करोड़ रुपये डाले थे और अप्रैल में 10,949 करोड़ रुपये निकाले थे। इससे पहले विदेशी निवेशकों ने मार्च में बॉन्ड बाजार में 13,602 करोड़ रुपये, फरवरी में 22,419 करोड़ रुपये और जनवरी में 19,836 करोड़ रुपये का निवेश किया था।​

हिंदी में शेयर बाजार,  स्टॉक मार्केट न्यूज़,  बिजनेस न्यूज़,  पर्सनल फाइनेंस और अन्य देश से जुड़ी खबरें सबसे पहले मनीकंट्रोल हिंदी पर पढ़ें. डेली मार्केट अपडेट के लिए Moneycontrol App  डाउनलोड करें।