Market Insight : बाजार में आज भारी गिरावट आई है। निफ्टी 23000 को तोड़ कर 22800 के भी नीचे चला गया है। निफ्टी बैंक में भी बड़ा गिरावट आई है। मार्केट इस समय फ्री फॉल के मूड में दिख रहा है। ऐसे में मार्केट टेक्निकल्स पर बात करते हुए जेएम फाइनेंशियल सर्विसेज (JM Financial Services) के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर और हेड ऑफ रिसर्च राहुल शर्मा ने कहा कि आज 23000 की लेवल भी टूट गया है। लेकिन यह लेवल जिस गति और स्टाइल में टूटा है उसको देखकर लग रहा है कि एक तरह से मार्केट सरेंडर के मोड में एंटर हो चुका है। यानी हो सकता है यहां से आपको 22,500 के नीचे का भी लेवल देखने को मिले। सात हफ्तों से लगातार निफ्टी में सेल फिगर्स रहे हैं। इस वीक और एक इंपॉर्टेंट चीज यह भी है कि मंथली एक्सपायरी के साथ-साथ सेप्टेंबर का मंथली क्लोज भी है। अगर सप्टेंबर की क्लोजिंग 23,200 के नीचे होती है तो अप्रैल से जो तेजी शुरू हुई थी वह तेजी बेअसर होते हुए दिखेगी और मार्केट एक नए बेयरिश टेरिटरी में जाता हुआ दिखेगा।
ऐसे में अगर इस वीक के मिड के आसपास कोई बाउंस बैक आ जाता है तो थोड़ी उम्मीद की किरण जागेगी। लेकिन ओवरऑल नजरिए से ऐसा लगता है मार्केट बहुत जबरदस्त तरीके से मंदड़ियों के ग्रिप में है। एफआई के शॉर्ट पोजीशंस हाईएस्ट लेवल पर है। उनके 3.1 लाख से ज्यादा कॉन्ट्रैक्ट शॉर्ट हैं। इसके साथ ही मिड कैप इंडेक्स में एग्रेसिव सेल ऑफ हुआ है। इसका असर अब स्माल कैप और माइक्रो कैप्स में भी आता हुआ दिख रहा है। ऐसे में बाजार की आखिरी उम्मीद भी कमजोर होती हुई दिख रही है। बाजार की ओवरऑल तस्वीर काफी बेयरिश दिखाई दे रही है। निफ्टी अब 22500 की ओर जाता दिख सकता है।
डिफेंसिव प्ले के तौर पर फार्मा शेयरों में दिख रहे मौके
इस समय बाजार में कहां सर छुपाने के मौके दिख रहे हैं, इस पर बात करते हुए राहुल शर्मा ने कहा कि इस समय डिफेंसिव प्ले के तौर पर फार्मा अच्छा लग रहा है। हाल के दिनों में इसमें काफी निवेश भी हुआ है। पिछले हफ्ते एफएमसीजी ने एक बाउंस बैक देने की कोशिश तो की थी लेकिन इसका ओवरऑल अंडरटोन अभी भी बेयरिश ही है। अब जो छिपने की जगहें थीं वहां पर भी शायद थोड़ी प्रॉफिट बुकिंग आते हुए दिख सकती है। मार्केट जब ऐसे फ्री फॉल मोड में हो तो अटकलबाजी करने से बेहतर है कि कंफर्मेशन का वेट करें। जब तक कच्चे तेल में नरमी नहीं, आती जियोपोलिटिल स्थिति में सुधार नहीं आता और बॉन्ड यील्ड ठंडी नहीं होती तबतक बाजार में छोटे-मोटे बाउंस में बिकवाली ही होती दिखेगी। ऐसी सिचुएशन में वेट एंड वॉच मोड में रहना ही बेहतर होगा। जब तक बाजार में स्टेबिलिटी स्क्रीन पर नहीं दिखती तब तक बॉय ऑर्डर्स को होल्ड रखें और चाहें तो धीरे-धीरे रुक-रुक कर खरीदारी करें। एक ही भाव पर सारी खरीदारी न करें। अगर आप इन्वेस्टर हों तो यह रणनीति सही रहेगी। इस समय दो या तीन सेक्टर ही हैं जो इस मार्केट में एक तरह से डिफेंसिव का काम कर रहे हैं। उनमें से फार्मा एक है। कुछ हद तक डिफेंस सेक्टर में भी मौके है। मेटल कहीं ना कहीं न्यूट्रल रुख के साथ ट्रेड करता हुआ दिख रहा है। बाकी सेक्टरों में जो भी लेवल्स आते हैं टूटते जा रहे हैं और नीचे में नए-नए लेवल्स बनते जा रहे हैं।
अपने पसंदीदा शेयरों पर बात करते हुए राहुल शर्मा ने कहा कि पॉलीकैब का सेटअप काफी बेयरिश लग रहा है। लगता है कि यह शेयर 8100-8000 तक के निचले स्तर तक जा सकता है। इसके लिए 8100 रुपए पर एक छोटा सपोर्ट है। इन लेवल्स पर इसमें शॉर्ट करने की राय रहेगी। अगर मैं अक्टूबर फ्यूचर्स की बात करें तो 8470 के स्टॉप लॉस से यहां पर शॉर्ट कीजिए। इस स्टॉक में यहां से पोजीशनल बेसिस पर तकरीबन 300 अंको तक की डाउन साइड देखने को मिल सकती है।
राहुल शर्मा का दूसरा रेकमेंडेशन लॉन्ग साइड से है क्योंकि ये फार्मा पर बुलिश हैं। इनको डॉ रेड्डी लैब्स का सेटअप काफी अच्छा लग रहा है। डॉ रेड्डी ने एक ब्रेकआउट देने की कोशिश की है। देर सबेर इस स्टॉक में तकरीबन 1280 से 1300 रुपए तक के लेवल्स देखने को मिल सकते हैं। वर्तमान लेवल्स पर इसमें खरीदारी की जा सकती है। लॉन्ग पोजीशन के लिए 1190 रुपए का स्टॉप लॉस रहेगा।
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