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भारतीय बाजारों में फिर जगी FPI की दिलचस्पी, नवंबर में शेयरों में लगाए ₹9000 करोड़

देश के शेयर बाजारों पर 5 राज्यों के विधानसभा चुनाव परिणामों का असर पड़ने की संभावना है। 4 राज्यों मध्य प्रदेश, राजस्थान, छत्तीसगढ़ और तेलंगाना में 3 दिसंबर को वोटों की गिनती हो रही है। वहीं मिजोरम में वोटों की गिनती 4 दिसंबर को होगी। आगे FPI का रुख कैसा रहेगा, यह काफी हद तक घरेलू बाजार के रुझान पर निर्भर करेगा

Edited By: Moneycontrol Newsअपडेटेड Dec 03, 2023 पर 1:35 PM
भारतीय बाजारों में फिर जगी FPI की दिलचस्पी, नवंबर में शेयरों में लगाए ₹9000 करोड़
इस साल अब तक विदेशी निवेशकों ने भारतीय डेट मार्केट में शुद्ध रूप से 50,270 करोड़ रुपये का निवेश किया है।

दो महीनों तक नेट सेलर रहने के बाद विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPI or Foreign Portfolio Investors) ने नवंबर में एक बार फिर भारतीय शेयर बाजारों (Indian Equity Markets) में दिलचस्पी दिखाई। उन्होंने गुजरे माह में करीब 9,000 करोड़ रुपये का निवेश किया। इसके साथ ही डिपॉजिटरी के आंकड़ों से पता चलता है कि FPI ने पिछले महीने डेट मार्केट में 14,860 करोड़ रुपये का शुद्ध निवेश किया, जो 6 साल का उच्चतम स्तर है। आगे FPI का रुख कैसा रहेगा, यह काफी हद तक घरेलू बाजार के रुझान पर निर्भर करेगा। देश के शेयर बाजारों पर 5 राज्यों के विधानसभा चुनाव परिणामों का असर पड़ने की संभावना है।

4 राज्यों मध्य प्रदेश, राजस्थान, छत्तीसगढ़ और तेलंगाना में 3 दिसंबर को वोटों की गिनती हो रही है। वहीं मिजोरम में वोटों की गिनती 4 दिसंबर को होगी। आंकड़ों के मुताबिक, नवंबर में FPI ने भारतीय शेयरों में कुल 9,000 करोड़ रुपये का शुद्ध निवेश किया। इसके पहले FPI ने अक्टूबर में 24,548 करोड़ रुपये और सितंबर में 14,767 करोड़ रुपये भारतीय शेयर बाजारों से निकाले थे। हालांकि FPI ने मार्च से अगस्त 2023 तक लगातार भारतीय इक्विटी में खरीदारी की थी और इन छह महीनों में 1.74 लाख करोड़ रुपये का निवेश किया था।

क्यों लौट रहा है भरोसा

भारतीय बाजार में FPI की फिर से जगी दिलचस्पी की वजह अमेरिकी बॉन्ड की यील्ड में गिरावट और कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव को माना जा सकता है। इसके अलावा भारत में लगातार आ रहे आईपीओ भी एक वजह हैं। पिछले महीने बाजार में दो कंपनियों इरेडा और टाटा टेक्नोलोजिज के आईपीओ को निवेशकों का जबर्दस्त रिस्पॉन्स भी मिला। साल 2023 के लिए कुल मिलाकर रुझान अच्छा बना हुआ है। इस कैलेंडर वर्ष में अब तक FPI ने 1.15 लाख करोड़ रुपये का शुद्ध निवेश किया है।

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