विदेशी निवेशकों ने अगस्त में भारतीय शेयर बाजारों में बिकवाली जारी रखी हुई है। उन्होंने इस महीने अब तक कुल 21,101 करोड़ रुपये के शेयर बेचे हैं। इसका कारण जापान की येन मुद्रा में ‘कैरी ट्रेड’ बंद होना, अमेरिका में मंदी की आशंका और वैश्विक स्तर पर बढ़ता तनाव है। कैरी ट्रेड का मतलब है निम्न ब्याज दर वाले देश से कर्ज लेकर दूसरे देश के एसेट्स में निवेश करना। बैंक ऑफ जापान ने मुख्य ब्याज दर में 0.25 प्रतिशत तक की वृद्धि की है। इसके बाद येन ‘कैरी ट्रेड’ के समाप्त होने से पूंजी निकासी शुरू हुई।
