Sterlite Tech Share Price: देश की दिग्गज ऑप्टिकल और डिजिटल टेक्नोलॉजी कंपनी स्टरलाइट टेक्नोलॉजीज के शेयर ऐसी तूफानी स्पीड से ऊपर चढ़े कि महज 43 कारोबारी दिनों में 270% ऊपर चढ़ गए। 30 मार्च को ₹176 के भाव से उछलकर 4 जून को यह ₹651 पर पहुंच गया। इन 43 कारोबारी दिनों में यह 6 ही कारोबारी दिन ऐसे रहे, जब शेयरों में गिरावट आई।, तो 20 दिन अपर सर्किट पर पहुंचे। साथ ही पिछले 11 दिनों से लगातार यह ऊपर चढ़ रहा है, जिसमें से 9 दिन तो यह अपर सर्किट पर पहुंच गया।
इसके शेयरों की तूफानी तेजी कैसी रही, इसका अंदाजा इससे भी लगा सकते हैं कि इस साल अब तक यह 535% चढ़ चुका है जो किसी भी कैलेंडर वर्ष में इसके लिए अब तक की सबसे बड़ी तेजी रही। पिछले 12 महीनों में यह तेजी और भी अधिक रही है। जून 2025 में यह शेयर लगभग ₹75 पर था, यानी कि इस लेवल से अब तक इसमें 766% की बढ़त आ चुकी है।
Vedanta Group की है Sterlite Tech
स्टरलाइट टेक्नोलॉजी में वेदांता ग्रुप की एक कंपनी ट्विन स्टार ओवरसीज की 42.90% हिस्सेदारी है। मार्च 2026 तिमाही के शेयरहोल्डिंग पैटर्न के हिसाब से मार्केट में लिस्टेड वेदांता ग्रुप की ही वेदांता की भी होल्डिंग इसमें 0.98% है। कंपनी में बाकी निवेशकों की बात करें तो देश की सबसे बड़ी लाइफ इंश्योरेंस कंपनी एलआईसी की इसमें 1.17% होल्डिंग है तो 11 म्यूचुअल फंड्स की 7.41% होल्डिंग। इसके अलावा ₹2 लाख तक के निवेश वाले 2 लाख से अधिक रिटेल इंवेस्टर्स की इसमें 18.58% हिस्सेदारी है।
ब्रोकरेज फर्म नुवामा की 9 अप्रैल की रिपोर्ट में इस बात का जिक्र किया है कि स्टरलाइट टेक का फोकस पहले 5G नेटवर्क अपग्रेडेशन और गांवों में ब्रॉडबैंड से जुड़ी मांग पर केंद्रित थी, लेकिन अब कंपनी तेजी से बढ़ते डेटा सेंटर बाजार के मौकों का फायदा उठाने की स्थिति में है। ब्रोकरेज फर्म के मुताबिक पहले डेटा सेंटर की वैश्विक फाइबर डिमांड में सिर्फ 5% हिस्सेदारी थी लेकिन अब यह हिस्सा बढ़कर 15%–20% हो गया है और 2027 तक (चीन को छोड़कर) वैश्विक फाइबर मांग में इसकी हिस्सेदारी करीब 30% तक पहुंच सकती है।
तेजी ने स्टॉक को पहुंचा दिया लॉन्ग-टर्म के स्टेज 4 में
स्टरलाइट टेक की ताबड़तोड़ तेजी ने इसके शेयरों को लॉन्ग-टर्म एएसएम (एडीशनल सर्विलांस मेजर) में पहुंचा दिया। फिलहाल यह स्टेज 4 में है। इसके तहत सभी ट्रेड्स का सेटलमेंट अब ग्रास बेसिस पर होगा और 100% मार्जिन अपफ्रंट देना होगा यानी कि अब लेवरेज या मार्जिन फंडिंग नहीं मिलेगी। इसकी सर्किट 5% तय हो गई है।। साथ ही इसमें इंट्रा-डे ट्रेडिंग नहीं हो सकती यानी कि डिलीवरी लेनी ही होगी।
डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए सलाह या विचार एक्सपर्ट/ब्रोकरेज फर्म के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदायी नहीं है। यूजर्स को मनीकंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले हमेशा सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।