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रिटेल इनवेस्टर्स के लिए F&O के नियम होंगे सख्त, SEBI ने बनाया वर्किंग ग्रुप

F&O मार्केट्स में रिटेल इनवेस्टर्स की बढ़ती दिलचस्पी से रेगुलेटर्स और सरकार चिंतित हैं। उनका मानना है कि मार्केट क्रैश करने पर रिटेल इनवेस्टर्स को भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है। वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण भी इस बारे में चिंता जता चुकी हैं

MoneyControl Newsअपडेटेड Jun 26, 2024 पर 11:05 AM
रिटेल इनवेस्टर्स के लिए F&O के नियम होंगे सख्त, SEBI ने बनाया वर्किंग ग्रुप
इस वर्किंग ग्रुप में स्टॉक एक्सचेंज, ब्रोकरेज फर्म, क्लियरिंग कॉर्पोरेशंस, म्यूचुअल फंड्स, एक बड़ी कंपनी और IIM के प्रतिनिधि शामिल हैं।

सेबी ने फ्यूचर्स एंड ऑप्शंस (एफएंडओ) ट्रेडिंग में रिटेल इनवेस्टर्स के हित में एक बड़ा कदम उठाया है। उसने एक वर्किंग ग्रुप बनाया है। इसका मकसद इक्विटी डेरिवेटिव में रिटेल इनवेस्टर्स के हितों की सुरक्षा और रिस्क मैनेजमेंट है। वर्किंग ग्रुप के एक सदस्य ने नाम जाहिर नहीं करने की शर्त पर मनीकंट्रोल को इस बारे में बताया है। इस 15 सदस्यों वाले ग्रुप के प्रमुख जी पद्मनाभन को बनाया गया है। वह आरबीआई के एग्जिक्यूटिव डायरेक्टर रह चुके हैं।

वर्किंग ग्रुप में स्टॉक्स एक्सचेंज के प्रतिनिधि शामिल

इस वर्किंग ग्रुप में स्टॉक एक्सचेंज, ब्रोकरेज फर्म, क्लियरिंग कॉर्पोरेशंस, म्यूचुअल फंड्स, एक बड़ी कंपनी और IIM के प्रतिनिधि शामिल हैं। यह ग्रुप एक्सचेंज-ट्रेडेड डेरिवेटिव (ETD) में इनवेस्टर्स के हितों की सुरक्षा के लिए नियर टर्म और मीडियम टर्म उपायों के बारे में सुझाव देगा। साथ ही वह मार्केट डेवलपमेंट और रेगुलेशन बढ़ाने के लिए ETD के रिस्क मीट्रिक्स और रिस्क आर्किटेक्चर को इम्प्रूव करने की सलाह देगा।

F&O ट्रेडिंग में बढ़ते रिटेल पार्टिसिपेशन पर सरकार चिंतित

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