Gaja Alternative Asset Management IPO Listing: दुनिया भर के निवेशकों से पैसे जुटाकर भारतीय कंपनियों में निवेश कर उन्हें मैनेज करने वाली गजा अल्टरनेटिव एसेट मैनेजमेंट के शेयरों की आज घरेलू मार्केट में मजबूत एंट्री हुई। इसके आईपीओ को भी निवेशकों का शानदार रिस्पांस मिला था और ओवरऑल इसे करीब 33 गुना बोली मिली थी। आईपीओ के तहत ₹160 के भाव पर शेयर जारी हुए हैं। आज BSE पर इसकी ₹185.20 और NSE पर ₹185.00 पर एंट्री हुई है यानी कि आईपीओ निवेशकों को 15% से अधिक लिस्टिंग गेन (Gaja Listing Gain) मिला। लिस्टिंग के बाद शेयर और ऊपर चढ़े। उछलकर BSE पर यह ₹187.25 (Gaja Share Price) पर पहुंच गया यानी कि आईपीओ निवेशक अब 17.03% मुनाफे में हैं।
Gaja Alternative Asset Management IPO के पैसे कैसे होंगे खर्च
गजा अल्टरनेटिव एसेट मैनेजमेंट का ₹550 करोड़ का आईपीओ सब्सक्रिप्शन के लिए 19-21 अगस्त तक खुला था। इस आईपीओ को निवेशकों का शानदार रिस्पांस मिला था और ओवरऑल यह 32.98 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इसमें क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) के लिए आरक्षित हिस्सा 45.87 गुना (एक्स-एंकर), नॉन-इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (NII) का हिस्सा 65.63 गुना और खुदरा निवेशकों का हिस्सा 11.61 गुना भरा था।
इस आईपीओ के तहत ₹450 करोड़ के नए शेयर जारी हुए हैं। इसके अलावा ₹5 की फेस वैल्यू वाले 62.50 लाख शेयर ऑफर फॉर सेल विंडो के तहत बिके हैं। ऑफर फॉर सेल का पैसा तो शेयर बेचने वाले शेयरहोल्डर्स को मिला है। वहीं नए शेयरों के जरिए जुटाए गए पैसों में से ₹372.00 करोड़ मौजूदा फंड्स और नए फंड्स में निवेश और ब्रिज लोन अमाउंट को हल्का करने, ₹44.25 करोड़ आम कॉरपोरेट उद्देश्यों और ₹42.60 करोड़ आईपीओ से जुड़े खर्चों को भरने पर खर्च होंगे।
Gaja Alternative Asset Management के बारे में
गजा अल्टरनेटिव एसेट मैनेजमेंट भारत में निवेश करने वाले फंड्स को मैनेज करती है और सलाह देती है। इसका फोकस एडुकेशन, एनर्जी और एन्वायर्नमेंट, फाइनेंशियल सर्विसेज, कंज्यूमर बिजनेस और डिजिटल टेक्नोलॉजी सेक्टर की मिड-मार्केट कंपनियों पर है। इसने कई फंड चलाए हैं जिनसे दुनिया के 20 से अधिक देशों के इंवेस्टर्स जुड़े हुए हैं। इसके अलावा एक और अहम बात ये है कि 31 मार्च 2026 तक कंपनी ने अपने फंड्स में लगभग ₹274 करोड़ खुद लगाने की प्रतिबद्धता यानी स्पांसर कमिटमेंट जताई जो गजा कैपिटल फंड्स के साइज का 6.41% था। इसकी कमाई मैनेजमेंट फीस, और फंड में किए गए निवेश से प्रॉफिट के एक हिस्से यानी कैरीड इंटेरेस्ट से होती है। इसके अलावा अपने खुद के निवेश से भी कंपनी को मुनाफा होता है।
कंपनी के वित्तीय सेहत की बात करें तो यह लगातार मजबूत हो रही है। वित्त वर्ष 2024-26 में इसका शुद्ध मुनाफा सालाना 35% से अधिक की रफ्तार यानी CAGR से बढ़कर ₹81.96 करोड़ और टोटल इनकम 23% से अधिक के सीएजीआर से ₹157.80 करोड़ पर पहुंच गया। मार्च 2026 तिमाही के आखिरी में कंपनी पर ₹41.56 करोड़ का टोटल कर्ज था जबकि रिजर्व और सरप्लस में ₹525.33 करोड़ पड़े थे।
डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।