Gautam Adani : अडानी ग्रुप के लिए फिच रेटिंग (Fitch Ratings) की तरफ से कुछ राहत भरी खबर आई है। रेटिंग एजेंसी ने कहा कि शॉर्ट सेलर हिंडेनबर्ग रिसर्च (Hindenburg Research) की रिपोर्ट से फिच की रेटिंग वाली अडानी ग्रुप की एंटिटीज और सिक्योरिटीज पर तत्काल कोई असर नहीं पड़ा है। उनके लिए कैश फ्लो में भी कोई खास बदलाव नहीं आया है। साथ ही हाल फिलहाल उसकी कोई ऑफशोर बॉन्ड मैच्योरिटीज भी नहीं है। अडानी पोर्ट्स एंड स्पेशल इकोनॉमिक जोन की सबसे पहले जून 2024 में, अडानी ग्रीन एनर्जी लिमिटेड की दिसंबर, 2024 में और अन्य एंटिटीज के लिए 2026 या उसके बाद हैं। इस तरह ग्रुप की कंपनियों के लिए रिफाइनेंसिंग रिस्क या निकट भविष्य में लिक्विडिटी रिस्क कम है।
फिच ग्लोबल ने कहा कि हम रेटेड एंटिटीज की फाइनेंसिंग तक पहुंच या लॉन्ग टर्म बेसिस पर फाइनेंसिंग की कॉस्ट में बदलाव, प्रतिकूल रेगुलेटरी या लीगल घटनाक्रमों या ईएसजी से संबंधित ऐसे मामलों पर पैनी नजर बनाए हुए हैं, जिनसे उनकी साख प्रभावित हो सकती है।
Hindenburg Research ने 24 जनवरी को एक रिपोर्ट पब्लिश करके स्टॉक में हेराफेरी सहित कई आरोप लगाए थे। उसके बाद अडानी ग्रुप द्वारा 30 जनवरी को आरोपों का खंडन किए जाने के बावजूद उसकी कंपनियों के शेयरों और बॉन्ड्स की कीमतों में गिरावट बनी हुई है।
आठ एंटिटीज को फिच ने दे रखी है रेटिंग
फिच ने वर्तमान में अडानी ग्रुप की आठ एंटिटीज को रेटिंग दे रखी है। इनमें अडानी ट्रांसमिशन लिमिटेड, अडानी इलेक्ट्रिसिटी मुंबई, एपीसीईजेड (APSEZ), अडानी इंटरनेशनल कंटेनर टर्मिनल, अडानी ट्रांसमिशन रिस्ट्रिक्टेड ग्रुप 1, अडानी ग्रीन एनर्जी रिस्ट्रिक्टेड ग्रुप 2, एजीईएल आरजी2 और मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट (MIAL) शामिल हैं।
रेटेड बिजनेस अलग से लिस्ट होते हैं, इंफ्रास्ट्रक्चर बिजनेस में ऑपरेट होते हैं और तुलनात्मक रूप से उनका कैशफ्लो स्थिर बना रहता है।