GIC Share Price: सरकारी रीइंश्योरेंस कंपनी जीआईसी के शेयरों में आज बिकवाली का भारी दबाव दिखा। बिकवाली का यह दबाव इसके ऑफर फॉर सेल के चलते आया, जिसमें शेयर भारी डिस्काउंट पर मिल रहा है और नॉन-रिटेल इंवेस्टर्स के लिए यह आज 16 जून को खुला है। चूंकि शेयर भारी डिस्काउंट पर मिल रहे हैं तो इसके चलते लिस्टेड मार्केट में शेयरों की मांग कम हुई और यह 5% से अधिक फिसल गया। बिकवाली का दबाव इतना तेज है कि निचले स्तर पर खरीदारी भी इसे संभाल नहीं पाई। फिलहाल बीएसई पर यह 5.72% की गिरावट के साथ ₹366.15 पर है। इंट्रा-डे में यह 5.78% की गिरावट के साथ ₹365.90 पर है।
OFS में किस भाव पर बिक रहा GIC का शेयर
DIPAM सेक्रेटरी के मुताबिक केंद्र सरकार जीआईसी में अपनी 5% तक हिस्सेदारी हल्की कर रही है और इसे लेकर प्रति शेयर ₹352 के फ्लोर प्राइस पर ऑफर फॉर सेल इश्यू आज लॉन्च हो गया। इस इश्यू के तहत 2% का बेस साइज है और मांग के हिसाब से इसमें 3% अतिरिक्त हिस्सेदारी बेचने का विकल्प भी है। 5% हिस्सेदारी बेचने पर सरकार को ऑफर फॉर सेल के फ्लोर प्राइस यानी न्यूनतम भाव के हिसाब से कम से कम ₹3088 करोड़ मिलेंगे। आज यह इश्यू नॉन-रिटेल इंवेस्टर्स के लिए खुला है और खुदरा निवेशकों के लिए यह कल यानी बुधवार 17 जून को खुलेगा। मार्च 2026 तिमाही के आखिरी में सरकार की जीआईसी में 82.4% हिस्सेदारी थी जबकि नॉन-रिटेल इंवेस्टर्स की 0.14% और खुदरा निवेशकों की 1.4% हिस्सेदारी थी।
एक साल में कैसी रही शेयरों की चाल
जीआईसी के शेयर 9 मार्च 2026 को ₹351.00 के भाव पर थे जो इसके शेयरों के लिए एक साल का रिकॉर्ड हाई लेवल है। इस हाई लेवल से एक ही महीने में यह 19.09% उछलकर 16 अप्रैल 2026 को ₹418.00 के भाव पर पहुंच गया जोकि इसके शेयरों के लिए एक साल का रिकॉर्ड हाई लेवल है। वैसे बता दें कि जीआईसी एक बार बोनस इश्यू कर चुकी है और हर शेयरहोल्डर को एक पर एक शेयर बोनस में दे चुकी है जिसकी एक्स-डेट 12 जुलाई 2018 थी।
डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।