GIFT Nifty Trend : शुक्रवार सुबह GIFT निफ्टी में 150 अंकों से ज्यादा की बढ़त हुई,जिससे भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स सेंसेक्स और निफ्टी के मज़बूत शुरुआत करने के संकेत मिल रहे है। इस बढ़त के पीछे कई वजहें हैं। निकट भविष्य में US में ब्याज दरें बढ़ने की उम्मीदों में कमी,कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट और ग्लोबल रिस्क सेंटीमेंट में सुधार से बाजार की सेंटीमेंट अच्छा हुआ है। इसके अलावा सेमीकंडक्टर शेयरों में कमजोरी की वजह से ग्लोबल टेक्नोलॉजी सेक्टर के कुछ हिस्सों पर दबाव बना हुआ है। इसका फायदा हमारे बाजारों को मिल सकता है।
फिलहाल GIFT निफ्टी 24,411 के आसापास ट्रेड कर रहा है, जो पिछले क्लोजिंग लेवल से 153 अंक या 0.63 प्रतिशत ऊपर है। इससे संकेत मिलता है कि गुरुवार के सेशन में अच्छी बढ़त के साथ बंद होने के बाद सेंसेक्स और निफ्टी में और तेजी आ सकती है। 2 जुलाई को ज़्यादातर सेक्टर में व्यापक खरीदारी के कारण भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स लगातार दूसरे सेशन में बढ़त के साथ बंद हुए। सेंसेक्स 579.48 पॉइंट या 0.75 प्रतिशत बढ़कर 77,502.12 पर पहुंच गया, जबकि निफ्टी 169.85 पॉइंट या 0.71 प्रतिशत की बढ़त के साथ 24,175.70 पर बंद हुआ।
US में नौकरियों के आंकड़े उम्मीद से कमजोर रहने से ब्याज दरों को लेकर चिंता कम हुई,लेकिन चिप शेयरों में गिरावट का असर दिखा। US में नौकरियों के आंकड़े उम्मीद से कमजोर रहने के बाद वॉल स्ट्रीट में मिला-जुला कारोबार देखने को मिला। इन आंकड़ों से फेडरल रिज़र्व द्वारा जल्द ही ब्याज दरें बढ़ाने की चिंता कम हुई है। कल के कारोबार में डॉव जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज 1.14 प्रतिशत बढ़कर रिकॉर्ड क्लोजिंग ऊंचाई पर पहुंच गया और लगातार चौथे सेशन में बढ़त बनाए रखी। S&P 500 में कोई खास बदलाव नहीं हुआ,जबकि नैस्डैक कंपोजिट 0.80 प्रतिशत गिर गया क्योंकि सेमीकंडक्टर शेयरों में भारी गिरावट ने दूसरे सेक्टर की बढ़त को बेअसर कर दिया।
ऐपल के शेयर में 4.8 प्रतिशत की बढ़त हुई। ऐसी खबरें हैं कि कंपनी पांच नए iPhone मॉडल लॉन्च करने की योजना बना रही है। हालांकि,सेमीकंडक्टर शेयरों पर दबाव बना रहा और फिलाडेल्फिया सेमीकंडक्टर इंडेक्स लगातार दूसरे सेशन में 5.4 प्रतिशत गिर गया। Nvidia के शेयर में 1.4 प्रतिशत की गिरावट आई,जबकि SanDisk के शेयर 14 प्रतिशत से ज्यादा गिर गए।
एनरिच मनी के CEO पोनमुडी आर का कहना है कि US-ईरान बातचीत में लगातार हो रही प्रगति से एनर्जी सप्लाई में रुकावट की चिंता कम हुई है,जबकि US में उम्मीद से कमजोर जॉब्स डेटा ने फेडरल रिज़र्व द्वारा जल्द ही मॉनेटरी पॉलिसी को सख्त करने की उम्मीदों को कम कर दिया है। हालांकि,उन्होंने चेतावनी के लहजे में कहा कि बाजार सतर्क बने रह सकते हैं क्योंकि मैक्रो-इकोनॉमिक हालात में सुधार के बावजूद विदेशी इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स सावधानी भरा रुख अपनाए हुए हैं।
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