Global Market: टैरिफ पर फैसलों के बाद गिफ्ट निफ्टी में करीब 160 प्वाइंट की तेजी आई। एशिया में कॉस्पी भी 1.5 फीसदी ऊपर नजर आया। हालांकि चीन और जापान में आज छुट्टी है। उधर डाओ फ्यूचर्स करीब 300 प्वाइंट नीचे फिसला। वहीं शुक्रवार को US INDICES में करीब एक परसेंट तक की तेजी रही। नैस्डेक 2200 अंकों से ज्यादा चढ़कर बंद हुआ
अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने ग्लोबल टैरिफ 10% से बढ़ाकर 15% किया, जो तत्का प्रभाव से लागू होगा। शुक्रवार को US सुप्रीम कोर्ट के इमरजेंसी कानून के तहत लगाए गए सभी टैरिफ को खारिज किए जाने के बाद ट्रंप ने फैसला किया। फिलहाल 150 दिनों के लिए नया टैरिफ लागू रहेगा । ट्रंप बोले भारत के साथ ट्रेड डील पर कोई असर नहीं पड़ेगा । ट्रंप ने कहा कई देश सालों से फायदा उठाते रहे हैं।
क्या कहता है US का कानून?
ट्रेड एक्ट ऑफ 1974 प्रमुख ट्रेड कानून है जिसके तहत राष्ट्रपति को अस्थायी टैरिफ लगाने का अधिकार है। 150 दिनों तक अस्थायी शुल्क लगा सकते हैं। टैरिफ जारी रखने के लिए कांग्रेस की मंजूरी जरूरी है।
6-3 बहुमत से ट्रंप के ज्यादातर टैरिफ रद्द किए। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि ट्रंप ने कानून का गलत इस्तेमाल किया। टैरिफ लगाने के लिए IEEPA का गलत सहारा लिया। इससे पहले किसी राष्ट्रपति ने इतना बड़ा टैरिफ नहीं लगाया। वहीं सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर ट्रंप ने कहा कि फैसला “Ridiculous”, “Poorly Written” और “Anti-America” है। टैरिफ रिफंड का मुद्दा सुप्रीम कोर्ट ने लोअर कोर्ट्स पर छोड़ा है।
ईरान, US के बीच प्रतिबंध हटाने के तरीके पर मतभेद बना हुआ है। न्यूक्लियर प्रोग्राम पर नई बातचीत मार्च की शुरुआत में संभव है। ईरान एनरिच्ड यूरेनियम का कुछ हिस्सा एक्सपोर्ट कर सकता है। ईरान ने एनरिचमेंट के अधिकार की मान्यता की मांग दोहराई है। ईरान ने कहा कि तेल, मिनिरल रिसोर्सेज का कंट्रोल US को नहीं देंगें। US की कंपनियां कॉन्ट्रैक्टर के रूप में काम कर सकती हैं।
इस बीच ट्रंप ने कहा कि ईरान पर सीमित सैन्य हमलों पर विचार कर रहा । 10–15 दिनों में हमले पर फैसला संभव है। न्यूक्लियर डील की संभावना अभी भी बरकरार है।
ओमान के मंत्री का बड़ा बयान
US-ईरान वार्ता का अगला दौर गुरुवार को जिनेवा में होगा। डील फाइनल करने के लिए दोनों पक्ष ज्यादा कोशिश करेंगे। ईरान के शीर्ष राजनयिक अमेरिकी दूत Steve Witkoff से मिलेंगे।
सोमवार सुबह डॉलर पर दबाव देखने को मिला। अटकलें थीं कि U.S. ट्रेड पॉलिसी को लेकर अफरा-तफरी हाल के महीनों में मार्केट में दिख रही "सेल अमेरिका" थीम को और मजबूत कर सकती है।जापानी येन पर डॉलर 0.4% गिरकर 154.36 पर आ गया, जबकि यूरो 0.4% बढ़कर $1.1826 पर आ गया। स्विस फ्रैंक पर भी डॉलर 0.5% गिरकर 0.7718 पर आ गया।
सोना-चांदी बढ़ा, क्रूड ऑयल में दबाव
कमोडिटी मार्केट में, सोना सेफ-हेवन बिड में आ गया और 0.8% बढ़कर $5,143 प्रति औंस हो गया। चांदी 2% बढ़कर $86.24 प्रति औंस हो गई, जो शुक्रवार को लगभग 8% बढ़ी थी। पिछले हफ्ते ट्रंप के यह कहने पर कि अगर न्यूक्लियर डील पर सहमति नहीं बनी तो अमेरिकी सेना ईरान में खास टारगेट पर हमला कर सकती है, कीमतें बढ़ी थीं। ब्रेंट 0.6% गिरकर $71.29 प्रति बैरल पर आ गया, जबकि अमेरिकी क्रूड 0.8% गिरकर $65.95 प्रति बैरल पर आ गया।
इस बीच आज एशियाई बाजारों में मिलाजुला कारोबार देखने को मिल रहा है। गिफ्ट NIFTY 175.00 अंक की बढ़त दिखा रहा है। वहीं, निक्केई करीब 1.13 फीसदी की गिरावट के साथ 56,825.70 के आसपास दिख रहा है। वहीं, स्ट्रेट टाइम्स में 0.26 फीसदी की बढ़त दिखा रहा है। ताइवान का बाजार 1.07 फीसदी चढ़कर 33,965.15 के स्तर पर कारोबार कर रहा है। जबकि हैंगसेंग 2.27 फीसदी की बढ़त के साथ 27,026.00 के स्तर पर नजर आ रहा है। वहीं, कोस्पी में 0.76 फीसदी की बढ़त के साथ कारोबार हो रहा है।