Gold Loan Stocks: बजट के बाद कहीं खुशी, कहीं गम का माहौल है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सोने पर कस्टम ड्यूटी घटाने का ऐलान किया है। इससे सोना सस्ता हुआ है, लेकिन दूसरी ओर गोल्ड लोन बांटने वाली कंपनियों के शेयर दबाव में आ गए हैं। आइए जानते हैं कि कस्टम ड्यूटी घटाने से कैसे ज्वैलरी और गोल्ड लोन बांटने वाली कंपनियों पर असर पड़ा है और बजट के बाद क्या बदलाव आए हैं। सोने पर कस्टम ड्यूटी को 15 प्रतिशत से घटाकर 6 प्रतिशत कर दिया गया है। इससे ज्वैलरी कंपनियों के शेयरों में तेजी देखी गई। टाइटन, कल्याण ज्वेलर्स जैसी कंपनियों के शेयर ऊपर चढ़ गए। लेकिन दूसरी ओर, मणप्पुरम फाइनेंस और मुथूट फाइनेंस जैसी गोल्ड लोन बांटने वाली कंपनियों के शेयरों में 5 प्रतिशत से भी ज्यादा की गिरावट आई।
गोल्ड लोन कंपनियों पर असर
मार्केट एक्सपर्ट्स का मानना है कि सोना सस्ता होने से गोल्ड लोन कंपनियों पर नकारात्मक असर पड़ सकता है। HDFC सिक्योरिटीज के दीपक जसानी ने बताया कि अगर सोने की कीमतें घटती हैं, तो गोल्ड लोन कंपनियों के लोन-टू-वैल्यू यानी LTV रेशियो में कमी आ सकती है। इससे कंपनियों की वित्तीय सुरक्षा घट सकती है।
यहां पहले LTV रेशियो का मतलब समझ लेते हैं। LTV रेशियो बताता है कि लोन की तुलना में गिरवी रखे गए गोल्ड की वैल्यू कितनी है। अगर यह रेशियो कम है, तो इसका मतलब है कि कंपनी के पास गिरवी रखे गए गोल्ड की वैल्यू कम है, और बांटे गए लोन की राशि अधिक है। यह गोल्ड लोन कंपनियों के लिए खतरे की बात होती है। दीपक जसानी ने कहा कि इसके अलावा कीमतें घटने से नए गोल्ड लेने वालों की संख्या भी घट सकती हैं। ऐसे में जसानी ने निवेशकों को इन कंपनियों के शेयरों से मुनाफावसूली करने की सलाह दी है।
मार्केट एक्सपर्ट्स की राय
ब्रोकरेज फर्म इनक्रेड इक्विटीज के एनालिस्ट्स ने भी ऐसी ही चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि दाम घटने के चलते लोग गोल्ड लोन की किस्तों को चुकाने में कोताही बरत सकते हैं। हालांकि इन सब चिंताओं के बावजूद SBI फंड्स मैनेजमेंट का मानना है कि गोल्ड कंपनियां इन नई चुनौतियों का अच्छे तरीके से मुकाबला कर सकती है। उन्होंने कहा कि गोल्ड लोन कंपनियों का LTV रेशियो अभी 60 के करीब है और उन्हें एसेट्स क्वालिटी पर अभी कोई बड़ा खतरा नहीं दिख रहा है।
कुल मिलाकर सबकी नजर अब गोल्ड के प्रदर्शन पर है। पिछले 5 साल में गोल्ड का दाम लगभग दोगुना हो गया है। इससे मुथूट फाइनेंस और मणप्पुरम फाइनेंस को काफी लाभ हुआ था। मुथूट फाइनेंस का गोल्ड लोन इन 5 सालों के दौरान सालाना 16 प्रतिशत की दर से बढ़ा, जबकि मणप्पुरम फाइनेंस का गोल्ड लोन पोर्टफोलियो सालाना 11 प्रतिशत की दर से बढ़ा है। मार्केट एनालिस्ट अमरीश बालिगा का मानना है कि सरकार के कदम से सोने की कीमतों में आई हालिया गिरावट का असर पहले ही शेयर बाजार में दिख चुका है। ऐसे में अब आगे के रूझान ही इन शेयरों की चाल को दिशा देंगे।
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