Suzlon Share Price: विंड टर्बाईन बनाने वाली सुजलॉन एनर्जी (Suzlon Energy) के शेयरों ने एक दिन पहले ब्रोकरेजेज के हाइएस्ट टारगेट प्राइस को पार कर दिया था। बुधवार को इसने 60 रुपये का लेवल पार किया था और आज फिर लगातार तीसरे दिन अपर सर्किट लगा और यह एक साल के हाई पर पहुंच गया। इस ऊंचाई पर पहुंचने के बाद मुनाफावसूली भी हुई लेकिन अब भी यह काफी मजबूत स्थिति में है। चार दिनों की लगातार तेजी के बाद 17 फीसदी उछलकर आज 63.74 रुपये के भाव पर पहुंच गया था। दिन के आखिरी में BSE पर यह 1.24 फीसदी की बढ़त के साथ 61.46 रुपये के भाव पर बंद हुआ है।
Suzlon का अब क्या है टारगेट प्राइस?
चूंकि बुधवार को सुजलॉन ने हाइएस्ट टारगेट प्राइस 60 रुपये के लेवल को पार कर दिया था तो अब ब्रोकरेज ने इसका फिर से रिव्यू किया। घरेलू ब्रोकरेज फर्म जेएम फाइनेंशियल ने इसकी खरीदारी की रेटिंग को बरकरार रखा है और चारगेच प्राइस 54 रुपये से बढ़ाकर 71 रुपये कर दिया है। ब्रोकरेज फर्म का मानना है कि हेल्दी ऑर्डर बुक, मजबूत पाइप लाइन और काम पूरा करने की दमदार क्षमता के चलते इसमें ग्रोथ की तगड़ी गुंजाइश है। इसके अलावा कंपनी का बैलेंस शीट भी मजबूत हो रहा है। जून तिमाही में कंपनी का ऑर्डर बुंक 3817 करोड़ रुपये के रिकॉर्ड लेवल पर पहुंच गया। चूंकि कंपनी अब एनटीपीसी जैसे पीएसयू के टेंडर भी हासिल कर सकती है तो ब्रोकरेज का मानना है कि इस वित्त वर्ष 2025 में इसका ऑर्डर बुक हेल्दी रहने वाला है।
वहीं दूसरी तरफ नुवामा इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज ने इसकी रेटिंग को खरीदारी से घटाकर होल्ड कर दिया है। ब्रोकरेज को सेक्टर और कंपनी में ग्रोथ की अच्छी गुंजाइश तो दिख रही है लेकिन इसका यह भी कहना है कि कंपनी को वित्त वर्ष 2025 की दूसरी छमाही में जो ऑर्डर मिलने की उम्मीद है, वह इसके शेयर में पहले से शामिल हो गया है क्योंकि वित्त वर्ष 2027 की अनुमानित कमाई के मुकाबले यह 40 गुने भाव पर है। ऐसे में ब्रोकरेज ने इसकी रेटिंग घटा दी है और टारगेट प्राइस 64 रुपये पर फिक्स किया है।
सुजलॉन की कैसी है कारोबारी सेहत?
चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही सुजलॉन के लिए धमाकेदार रही। जून तिमाही के आखिरी में इसके पास 1200 करोड़ रुपये का नेट कैश रहा। कॉमर्शियल एंड इंडस्ट्रियल सेगमेंट में यह अहम प्लेयर बनी रही जो इसके ऑर्डरबुक का करीब दो-तिहाई हिस्सा हैं। जून तिमाही में इसका मार्केट शेयर 35.5 फीसदी रहा। सुजलॉन ग्रुप के सीईओ हिमांशु मोदी ने सीएनबीसी-आवाज से बातचीत में कहा कि वित्त वर्ष 2024 में बैलेंस शीट के कंसालिडेशन का था और अब चालू वित्त वर्ष प्रॉफिटेबिलिटी पर फोकस का है।
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