Gold Prices: सोने की कीमतों में 17 साल की सबसे बड़ी मंथली गिरावट, 13% से अधिक लुढ़का भाव
Gold Prices: अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की कीमतों में मंगलवार 31 मार्च को हल्की तेजी देखने को मिली। हालांकि इसके बावजूद यह कीमती धातु पिछले 17 साल से भी अधिक समय के अपने सबसे खराब मंथली प्रदर्शन की ओर बढ़ रही है। अमेरिका में ब्याज दरों में कटौती की उम्मीदें कमजोर पड़ने और एनर्जी कीमतों में उछाल ने सोने की चमक फीकी कर दी है
Gold Prices: सोने की कीमतें मार्च महीने में अब तक 13% से अधिक गिर चुकी हैं
Gold Prices: अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की कीमतों में मंगलवार 31 मार्च को हल्की तेजी देखने को मिली। हालांकि इसके बावजूद यह कीमती धातु पिछले 17 साल से भी अधिक समय के अपने सबसे खराब मंथली प्रदर्शन की ओर बढ़ रही है। अमेरिका में ब्याज दरों में कटौती की उम्मीदें कमजोर पड़ने और एनर्जी कीमतों में उछाल ने सोने की चमक फीकी कर दी है।
मंगलवार को स्पॉट गोल्ड की कीमत में करीब 1.5% की बढ़त दर्ज की गई और यह 4,578.89 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया। वहीं, अमेरिकी गोल्ड फ्यूचर्स भी 1.2% बढ़कर 4,611.30 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार करते दिखे।
डॉलर में कमजोरी के चलते सोने को कुछ सपोर्ट मिला, क्योंकि डॉलर में कमजोरी से दूसरे करेंसीधारकों के लिए सोना खरीदना सस्ता हो जाता है। इसके अलावा, पश्चिम एशिया में तनाव कम होने की संभावनाओं ने भी बाजार में थोड़ी राहत दी।
ट्रंप के बयान से बाजार को राहत
रिपोर्ट्स के मुताबिक, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सहयोगियों से कहा है कि वह ईरान के खिलाफ सैन्य अभियान समाप्त करने के लिए तैयार हैं, भले ही होर्मुज जलडमरूमध्य पूरी तरह से खुला न हो। इस संकेत के बाद ग्लोबल बाजारों में “रिस्क-ऑन” माहौल देखने को मिला, जिससे सोने में थोड़ी खरीदारी लौटी। हालांकि, यह तेजी व्यापक गिरावट के रुझान को पलटने के लिए पर्याप्त नहीं मानी जा रही है।
सोना 17 साल की सबसे बड़ी गिरावट की ओर
इसके बावजूद, सोने की कीमतें इस महीने अब तक 13% से अधिक गिर चुकी हैं। यह अक्टूबर 2008 के बाद सबसे बड़ी मासिक गिरावट हो सकती है। हालांकि तिमाही आधार पर सोना अभी भी करीब 5% की बढ़त में है, लेकिन हालिया गिरावट ने निवेशकों को सतर्क कर दिया है।
ब्याज दर कटौती की उम्मीद खत्म
सोने में कमजोरी की सबसे बड़ी वजह अमेरिकी फेडरल रिजर्व की नीतियों को लेकर बदलती उम्मीदें हैं। बाजार अब लगभग यह मान चुका है कि इस साल अमेरिका में ब्याज दरों में कटौती नहीं होगी। इससे पहले साल की शुरुआत में दो बार रेट कट की उम्मीद जताई जा रही थी।
फेड चेयरमैन जेरोम पॉवेल ने भी संकेत दिया है कि केंद्रीय बैंक जल्दबाजी में कोई फैसला नहीं करेगा और वह पहले यह देखेगा कि ईरान युद्ध का अर्थव्यवस्था और महंगाई पर क्या असर पड़ता है।
ऊंची ऊर्जा कीमतें बनी चिंता
पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के कारण कच्चे तेल की कीमतों में उछाल आया है, जिससे ग्लोबल महंगाई बढ़ने का खतरा पैदा हो गया है। ऊंची महंगाई के चलते ब्याज दरों को ऊंचा बनाए रखने की जरूरत पड़ सकती है, जो सोने जैसे बिना ब्याज वाले एसेट के लिए नकारात्मक होता है।
अन्य कीमती धातुओं में तेजी
सोने के साथ दूसरे कीमती धातुओं में भी मंगलवार को मजबूती देखी गई। स्पॉट सिल्वर में 3.3% की तेजी आई और यह 72.27 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया। प्लेटिनम लगभग 1% चढ़कर 1,916.77 डॉलर और पैलेडियम 2.3% बढ़कर 1,437.76 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया।
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