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विदेशी निवेशकों के लिए बदल गए टैक्स के नियम, यहां जानिए अपने हर सवाल का जवाब

अब सरकारी सिक्योरिटीज में निवेश करने वाले फॉरेन पोर्टफोलियो इनवेस्टर्स को टैक्स नहीं चुकाना पड़ेगा। नया नियम 1 अप्रैल, 2026 से लागू हो चुका है। सरकार ने गवर्नमेंट बॉन्ड्स में फॉरेन इनवेस्टमेंट अट्रैक्ट करने के लिए यह कदम उठाया है

Edited By: Rakesh Ranjanअपडेटेड Jun 05, 2026 पर 12:39 PM
विदेशी निवेशकों के लिए बदल गए टैक्स के नियम, यहां जानिए अपने हर सवाल का जवाब
पहले सरकार के बॉन्ड्स में निवेश करने वाले विदेशी निवेशकों को इंटरेस्ट इनकम के साथ ही कैपिटल गेंस पर टैक्स चुकाना पड़ता था।

सरकार ने विदेशी निवेशकों को बड़ी राहत दी है। अब सरकारी सिक्योरिटीज में निवेश करने वाले फॉरेन पोर्टफोलियो इनवेस्टर्स को टैक्स नहीं चुकाना पड़ेगा। नया नियम 1 अप्रैल, 2026 से लागू हो चुका है। सरकार ने गवर्नमेंट बॉन्ड्स में फॉरेन इनवेस्टमेंट अट्रैक्ट करने के लिए यह कदम उठाया है। इससे पहले सरकार के बॉन्ड्स में निवेश करने वाले विदेशी निवेशकों को इंटरेस्ट इनकम के साथ ही कैपिटल गेंस पर टैक्स चुकाना पड़ता था। इससे निवेश पर उनका रिटर्न घट जाता था। आइए इस बारे में विस्तार से जानते हैं।

सरकारी बॉन्ड्स में निवेश करने पर विदेशी निवेशकों पर इनकम टैक्स एक्ट, 1961 के तहत कैसे टैक्स लगता था?

इनकम टैक्स एक्ट, 1961 के तहत कुछ खास सरकारी सिक्योरिटीज के इंटरेस्ट पर FIIs को टैक्स से छूट मिलती थी। यह छूट सेक्शन 10(15) के तहत 2002 तक मिलती थी। उसके बाद 2013 से 2023 के बीच टैक्स की 5 फीसदी रियायती दर लागू कर दी गई। इस छूट के दायरे में नहीं आने वाले सरकारी सिक्योरिटीज के इंटरेस्ट और कैपिटल गेंस पर विदेशी निवेशकों को टैक्स चुकाना पड़ता है।

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