भारत के स्वदेशी रक्षा उत्पादन कार्यक्रम को बड़ा बढ़ावा देते हुए रक्षा मंत्रालय ने एडवांस्ड मीडियम कॉम्बैट एयरक्राफ्ट (AMCA) प्रोजेक्ट के लिए रिक्वेस्ट फॉर प्रपोजल (RFP) जारी कर दिया है। ANI की रिपोर्ट के मुताबिक, यह टेंडर तीन शॉर्टलिस्टेड कंपनियों और उनके कंसोर्टियम को भेजा गया है।
इस दौड़ में लार्सन एंड टुब्रो (L&T)-भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (BEL) का कंसोर्टियम, टाटा एडवांस्ड सिस्टम्स और भारत फोर्ज-बेमल (BEML) की साझेदारी शामिल है।
AMCA भारत का स्वदेशी पांचवीं पीढ़ी का स्टील्थ फाइटर जेट प्रोग्राम है। इसका मकसद भारतीय वायुसेना की ताकत बढ़ाना और विदेशी लड़ाकू विमानों पर निर्भरता कम करना है। यह भारत के सबसे महत्वाकांक्षी रक्षा प्रोजेक्ट्स में से एक माना जाता है।
पिछले साल रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने AMCA प्रोग्राम के एक्जीक्यूशन मॉडल को मंजूरी दी थी। इसके तहत एयरोनॉटिकल डेवलपमेंट एजेंसी (ADA) उद्योग जगत की साझेदारी में इस प्रोजेक्ट को आगे बढ़ाएगी।
इस मॉडल को इस तरह तैयार किया गया है कि सरकारी और निजी दोनों क्षेत्र की कंपनियों को प्रतिस्पर्धी प्रक्रिया के जरिए बराबर मौका मिल सके।
आंध्र प्रदेश में टेस्टिंग सेंटर
इसी महीने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने पुट्टपर्थी में कोर इंटीग्रेशन एंड फ्लाइट टेस्टिंग सेंटर की आधारशिला रखी थी।
यह केंद्र AMCA और भविष्य में विकसित होने वाले अन्य स्वदेशी विमानों की टेस्टिंग और विकास प्रक्रिया को तेज करने में अहम भूमिका निभाएगा।
15,000 करोड़ रुपये का है प्रोजेक्ट
AMCA कार्यक्रम की अनुमानित लागत करीब 15,000 करोड़ रुपये है। वहीं पुट्टपर्थी में बन रहे नए टेस्टिंग सेंटर पर लगभग 2,000 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं।
रक्षा मंत्रालय के अनुसार, यह केंद्र दुनिया के उन चुनिंदा स्थानों में शामिल होगा जहां से पांचवीं पीढ़ी का लड़ाकू विमान उड़ान भरेगा। राजनाथ सिंह ने कहा था कि पुट्टपर्थी दुनिया के विशेष रक्षा एवं एयरोस्पेस केंद्रों की सूची में शामिल होने जा रहा है, जहां से पांचवीं पीढ़ी के लड़ाकू विमान आसमान में उड़ान भरेंगे।
इस साल बेंगलुरु में आयोजित एयरो इंडिया 2025 प्रदर्शनी में AMCA का फुल-स्केल मॉडल भी प्रदर्शित किया गया था। इसके जरिए विमान की डिजाइन और क्षमताओं की झलक दिखाई गई थी।
AI और स्टील्थ तकनीक से लैस होगा AMCA
भारतीय वायुसेना के लिए इन लड़ाकू विमान को ADA डिजाइन कर रहा है। इन लड़ाकू विमान में अत्याधुनिक स्टील्थ तकनीक और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) सिस्टम लगाए जाएंगे। इन तकनीकों की मदद से विमान की युद्ध क्षमताऔर मिशन परफॉर्मेंस को बेहतर बनाया जाएगा।
ADA के अधिकारियों के मुताबिक, AI तकनीक के इस्तेमाल से AMCA अपनी श्रेणी के सबसे उन्नत पांचवीं पीढ़ी के लड़ाकू विमानों में शामिल हो सकता है।
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