भारत सरकार को पांच सरकारी कंपनियों से डिविडेंड के तौर पर करीब 401 करोड़ रुपये मिले हैं। इन कंपनियों में EdCIL (इंडिया) लिमिटेड, मिश्र धातु निगम लिमिटेड (Mishra Dhatu Nigam), भारत डायनेमिक्स लिमिटेड (Bharat Dynamics Ltd), भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (Bharat Electronics ltd) और मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स लिमिटेड (Mazagon Dock Shipbuilders) शामिल हैं। वित्त मंत्रालय के तहत आने वाले डिपार्टमेंट ऑफ इनवेस्टमेंट एंड पब्लिक एसेट मैनेजमेंट (DIPAM) के सेक्रेटरी, तुहीन कांत पांडे ने गुरुवार को एक ट्वीट में यह जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि EdCIL (इंडिया) लिमिटेड से डिविडेंड की किस्त के रूप में सरकार को 20 करोड़ रुपये की राशि मिली है। वहीं मिश्र धातु निगम ने सरकारी खजाने में 23 करोड़ रुपये, जबकि भारत डायनेमिक्स ने 16 करोड़ रुपये जोड़े हैं। इसके अलावा भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड ने डिविडेंड की किस्त के तौर पर 225 करोड़ रुपये और मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स ने डिविडेंड की किस्त के तौर पर 117 करोड़ रुपये सरकार को दिए हैं।
सरकार को मौजूदा वित्त वर्ष में भारतीय रिजर्व बैंक (RBI), सरकारी बैंकों और वित्तीय संस्थानों से करीब 48,000 करोड़ रुपये डिविडेंड के तौर पर मिलने की उम्मीद है, जो पिछले साल के मुकाबले करीब 17% अधिक है। बजट डॉक्यूमेंट के मुताबिक, पब्लिक सेक्टर एंटरप्राइजेज और दूसरे निवेश से सरकार को वित्त वर्ष 2024 में करीब 43,000 करोड़ का निवेश मिलने की उम्मीद है।
Mishra Dhatu Nigam का डिविडेंड यील्ड फिलहाल 0.89% है। साल 2023 में यह शेयर 68.23% फीसदी बढ़ा है। वहीं भारत डायनेमिक्स के शेयरों में इस साल अबतक करीब 22.76% फीसदी की तेजी आई है और इसने 0.81% का रिटर्न दिया है।
भारत इलेक्ट्रॉनिक्स के शेयरों में इस साल 40.05 फीसदी की तेजी आई है और इसका डिविडेंड यील्ड 1.28 फीसदी है। वहीं मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स ने इस साल 159.34 फीसदी का मल्टीबैगर रिटर्न दिया है और इसका डिविडेंड यील्ड इस समय 1.09 फीसदी है।