Greenchef Appliances IPO Listing: गैस चूल्हा, होज पाइप और प्रेशर कुकर जैसे किचन प्रोडक्ट्स बनाने वाली दिग्गज कंपनी ग्रीनशेफ एप्लाएंसेज (Greenchef Appliances) के शेयरों का आज NSE SME पर धांसू एंट्री हुई। इसका आईपीओ को निवेशकों का तगड़ा रिस्पांस मिला था। कंपनी के शेयर 87 रुपये के भाव पर जारी हुए हैं और अब यह 104 रुपये के भाव पर लिस्ट हुआ है यानी कि आईपीओ निवेशकों को करीब 20 फीसदी लिस्टिंग गेन मिला। लिस्टिंग के बाद शेयर और उछलकर 109.20 रुपये (Greenchef Appliances Share Price) पर पहुंच गए और पहले दिन इसी भाव पर बंद हुए यानी कि आईपीओ निवेशकों की पूंजी करीब 26 फीसदी बढ़ चुकी है।
Greenchef Appliances IPO को मिला था शानदार रिस्पांस
ग्रीनशेफ एप्लाएंसेज का 53.62 करोड़ रुपये का आईपीओ सब्सक्रिप्शन के लिए 23 जून और 27 जून के बीच खुला था। इसके तहत सिर्फ नए शेयर जारी हुए हैं और निवेशकों ने इसमें जमकर पैसे लगाए थे। ओवरऑल यह इश्यू 44.89 गुना सब्सक्राइब हुआ था जिसमें क्वालिफाईड इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स का हिस्सा 17.11 गुना, नॉन-इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (NII) का 96.01 गुना और खुदरा निवेशकों का 62.63 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इसके 10 रुपये की फेस वैल्यू वाले शेयर 87 रुपये के भाव पर जारी हुए हैं। नए शेयरों के जरिए जुटाए गए पैसों का इस्तेमाल अब कंपनी नए प्लांट, मशीनरी और फैक्ट्री बिल्डिंग; वर्किंग कैपिटल की जरूरतों को पूरा करने और आम कॉरपोरेट उद्देश्यों में करेगी।
यह कंपनी गैस स्टोव्स, प्रेशर कुकर, मिक्सर, ग्राइंडर, इलेक्ट्रिक राइस कुकर, तड़का पैन, गैस सिलिंडर ट्रॉली और बिरयानी पॉट जैसे किचन प्रोडक्ट्स बनाती है। यह कंपनी आफ्टर-सेल्स सर्विसेज भी उपलब्ध कराती है और दिसंबर 2022 तक उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक 13 राज्यों में इसके 130 सर्विस टेक्निशियन हैं। इसके अलावा 15 राज्यों में इसके 107 ऑथराइज्ड सर्विस प्रोवाइडर्स हैं। कंपनी ने गैस स्टोव और होज पाइप्स के लिए इंडियन ऑयल, हिंदुस्तान पेट्रोलियम और भारत पेट्रोलियम जैसी दिग्गज कंपनियों के साथ कांट्रैक्ट किया हुआ है।
दिसंबर 2022 तक उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक देश के 22 राज्यों और 3 यूनियन टेरीटरीज में 450 डिस्ट्रीब्यूटर्स हैं। कंपनी के वित्तीय सेहत की बात करें तो वित्त वर्ष 2020 में इसे 1.17 करोड़ रुपये का नेट प्रॉफिट हुआ था जो अगले वित्त वर्ष में बढ़कर 2.57 करोड़ रुपये पर पहुंच गया लेकिन अगले ही वित्त वर्ष 2022 में यह घटकर 82.09 लाख रुपये पर आ गया।