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ऑनलाइन शॉपिंग की डिलीवरी महंगी होगी? GST काउंसिल ने 5% टैक्स का प्रस्ताव दिया

ऑनलाइन शॉपिंग की डिलीवरी पर 5% GST का प्रस्ताव आया है। ITC का फायदा नहीं मिलेगा और ई-कॉमर्स सामान की ढुलाई पर GTA छूट भी खत्म हो सकती है। इससे डिलीवरी कॉस्ट बढ़ने की संभावना है, जिसका असर कारोबारियों और ग्राहकों पर पड़ सकता है।

Curated By: Suneel Kumarअपडेटेड Oct 08, 2026 पर 8:35 PM
ऑनलाइन शॉपिंग की डिलीवरी महंगी होगी? GST काउंसिल ने 5% टैक्स का प्रस्ताव दिया
यह प्रस्ताव कूरियर और पोस्टल सर्विस को छोड़कर बाकी डिलीवरी सर्विस पर लागू होगा।

GST काउंसिल ने 8 अक्टूबर को ई-कॉमर्स डिलीवरी से जुड़े एक बड़े बदलाव का प्रस्ताव दिया है। इसके तहत कुछ डिलीवरी सर्विस पर 5% GST लगेगा। इसमें इनपुट टैक्स क्रेडिट यानी ITC का फायदा नहीं मिलेगा। इससे ई-कॉमर्स से होने वाली डिलीवरी का टैक्स सिस्टम बदल सकता है।

किन डिलीवरी सर्विस पर लगेगा GST?

यह प्रस्ताव कूरियर और पोस्टल सर्विस को छोड़कर बाकी डिलीवरी सर्विस पर लागू होगा। इसमें इलेक्ट्रॉनिक कॉमर्स ऑपरेटर यानी ECO के जरिए दी जाने वाली डिलीवरी शामिल है। खास बात यह है कि यह नियम उन सर्विस प्रोवाइडर्स पर लागू होगा, जिनके लिए GST रजिस्ट्रेशन जरूरी नहीं है।

ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म के जरिए ऑर्डर या सप्लाई किए गए सामान की डिलीवरी पर भी 5% GST लगाने का प्रस्ताव है। इस पर भी ITC का फायदा नहीं मिलेगा। यानी डिलीवरी सर्विस पर दिया गया GST आगे एडजस्ट नहीं किया जा सकेगा।

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