Textile Stocks: देश की टेक्सटाइल कंपनियों के शेयरों में आज तेज हलचल दिख रही है। इसकी वजह ये है कि जीएसटी की दरों को लेकर बड़ा फैसला होने वाला है। सीएनबीसी-टीवी18 को सूत्रों के हवाले से मिली जानकारी के मुताबिक धागों और कपड़ों पर दरें की जा सकती हैं। इससे पहले अमेरिकी टैरिफ से भी टेक्सटाइल सेक्टर के शेयर प्रभावित हो रहे हैं। रूस से तेल की खरीदारी के चलते अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत पर 25% का अतिरिक्त टैरिफ लगा दिया है जिससे भारतीय सामानों की अब अमेरिकी में एंट्री पर 50% का टैरिफ लग रहा है। अमेरिकी टैरिफ के चलते एक महीने में गोकलदास एक्सपोर्ट्स (Gokaldas Exports) और इंडो काउंट इंडस्ट्रीज (Indo Count Industries) समेत कई स्टॉक्स 20% तक टूट गए। ऐसा इसलिए क्योंकि इन कंपनियों के रेवेन्यू का एक बड़ा हिस्सा करीब 50-70% तक अमेरिकी मार्केट से ही आता है।
जीएसटी दरों में कितनी राहत की है उम्मीद?
सिथेटिक फिलामेंट यार्न और सिलाई धागे पर जीएसटी की दरों को 12% से घटाकर 5% किया जा सकता है। इसके अलावा जिम्प्ड यार्न, मेटलाइज्ड यार्न और रबर धागे पर भी जीएसटी दर 12% से घटाकर 5% किए जाने का प्रस्ताव है। सूत्रों के मुताबिक कालीन और गौज समेत अन्य प्रोडक्ट्स पर भी जीएसटी की दर को 12% से घटाकर 5% करने का प्रस्ताव है, जबकि 5% जीएसटी वाले रेडीमेड कपड़ों के लिए जीएसटी लिमिट को ₹1,000 से बढ़ाकर ₹2,500 करने का प्रस्ताव है। हालांकि ₹2,500 से अधिक के रेडीमेड कपड़ों पर जीएसटी की दरों को 12% से बढ़ाकर 18% करने का प्रस्ताव है। हालांकि यह ध्यान देने की जरूरत है कि ये सिर्फ प्रस्ताव ही हैं और आखिरी फैसला जीएसटी काउंसिल ही लेगी जिसकी बैठक 3-4 सितंबर 2025 को होगी।
किन शेयरों पर पड़ेगा असर और क्यों?
जीएसटी दरों में बदलाव का असर वर्धमान टेक्सटाइल्स (Vardhman Textiles), अरविंद (Arvind), आदित्य बिड़ला फैशन (Aditya Birla Fashion), पेज इंडस्ट्रीज (Page Industries), ट्रेंट (Trent), वेदांत फैशंस (Vedant Fashions) और साई सिल्क पर असर रहेगा। अगर प्रस्तावों को मंजूरी मिलती है तो वर्धमान टेक्सटाइल्स जैसी कंपनियों की लागत कम होगी और उनके मार्जिन में भी बढ़ोतरी हो सकती है। साथ ही ट्रेंट जैसी कंपनियों जिनके अधिकतर प्रोडक्ट्स ₹1000 से कम के हैं, उन्हें जीएसटी की दरों में कटौती से तगड़ा फायदा मिल सकता है और मांग में बढ़ोतरी से बिक्री में उछाल दिख सकती है।
डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।