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GST घटकर हुआ शून्य, फिर भी 1-4% तक महंगे हो सकते हैं इंश्योरेंस प्रीमियम, जानें कैसे

हेल्थ और लाइफ इंश्योरेंस प्रीमियम पर लगने वाला 18% जीएसटी घटाकर अब शून्य कर दिया गया है। इस कदम को आम ग्राहकों के लिए राहत की तरह माना जा रहा है। लेकिन ब्रोकरेज फर्मों का कहना है कि इससे बीमा कंपनियों को इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) का लाभ मिलना बंद हो जाएगा, जिसके चलते इंश्योरेंस प्रीमियम में 1-4% तक महंगे हो सकते हैं।

Edited By: Vikrant singhअपडेटेड Sep 04, 2025 पर 9:41 AM
GST घटकर हुआ शून्य, फिर भी 1-4% तक महंगे हो सकते हैं इंश्योरेंस प्रीमियम, जानें कैसे
ब्रोकरेज फर्म CLSA ने कहा कि बीमा कंपनियों में SBI Life का ऑपरेटिंग खर्च सबसे कम है

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की अध्यक्षता में हुई 56वीं जीएसटी काउंसिल बैठक में बड़ा फैसला लिया गया। बैठक में हेल्थ और लाइफ इंश्योरेंस प्रीमियम पर लगने वाला 18% जीएसटी घटाकर अब शून्य कर दिया गया है। इस कदम को आम ग्राहकों के लिए राहत की तरह माना जा रहा है। लेकिन ब्रोकरेज फर्मों का कहना है कि इससे बीमा कंपनियों को इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) का लाभ मिलना बंद हो जाएगा, जिसके चलते इंश्योरेंस प्रीमियम में 1-4% तक महंगे हो सकते हैं

हेल्थ और लाइफ इंश्योरेंस पर जीएसटी लंबे समय से विवादित मुद्दा रहा है। एक ओर इंडस्ट्री और ग्राहक इस पर टैक्स कम करने की मांग कर रहे थे। वहीं दूसरी ओर केंद्र और राज्य सरकारें रेवन्यू में कमी की आशंका से हिचक रही थीं।

ब्रोकरेज फर्म एमके ग्लोबल (Emkay Global) ने कहा कि GST का घटना ग्राहकों के लिहाज से अच्छी खबर है। लेकिन इससे कई सवाल भी खड़े हुए हैं। जैसे किन-किन प्रोडक्ट कैटेगरी पर इसका असर होगा और इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) को लेकर बीमा कंपनियों को किस तरह की राहत मिलेगी।

ग्राहकों को मिलेगा सीधा फायदा

ब्रोकरेज फर्मों का कहना है कि जीएसटी शून्य होने से ग्राहकों का प्रीमियम खर्च सीधे घटेगा और बीमा कंपनियों को यह लाभ ग्राहकों तक पहुंचाना ही होगा। यानी ग्राहकों को अब प्रीमियम भुगतान पर 18% अतिरिक्त जीएसटी नहीं चुकाना होगा।

कंपनियों के लिए नई चुनौती

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