HAL Share Price: हिंदुस्तान ऐरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) के शेयरों में आज खरीदारी का जोरदार रुझान दिखा और ताबड़तोड़ खरीदारी में यह 5% से अधिक उछल पड़ा। मार्केट की शानदार रौनक में एचएएल के शेयर ऐसे समय में चढ़े, जब वित्त वर्ष 2026 के बिजनेस को लेकर इसने प्रोविजनल आंकड़े पेश किए और रेवेन्यू ग्रोथ के अनुमान को कम किया। इसके बावजूद एचएएल के शेयर उछल पड़े। इस तेजी का कुछ निवेशकों ने फायदा उठाया जिससे भाव थोड़े नरम पड़े लेकिन निचले स्तर पर खरीदारी से भाव संभल गए और आज बीएसई पर यह 5.29% की बढ़त के साथ ₹3670.75 (HAL Share Price) पर बंद हुआ है। इंट्रा-डे में यह 5.84% उछलकर ₹3690.00 तक पहुंच गया था।
HAL के शेयरों को किस बात से मिला सपोर्ट?
एचएएल ने जो प्रोविजनल आंकड़े जारी किए हैं, उसके मुताबिक वित्त वर्ष 2026 में कंपनी को ₹32,250 करोड़ का रेवेन्यू हासिल हुआ जोकि सालाना आधार पर 4% अधिक है। यह पहले के 8-10% के ग्रोथ अनुमान से काफी कम है। वित्त वर्ष 2025 में कंपनी को ₹30,981 करोड़ का रेवेन्यू हासिल हुआ था। हालांकि कंपनी का का कहना है कि जितनी ग्रोथ दिख रही है, वह सप्लाई चेन से जुड़ी दिक्कतों के चलते हल्के लड़ाकू विमान ((LCA Mk1A) और HTT-40 की डिलीवरी में देरी के बावजूद है और इसके कुछ हिस्से के भरपाई अन्य प्रोडक्ट्स और सर्विसेज के साथ-साथ एएलएच हेलीकॉप्टर्स- AL31-FP और RD-33 इंजनों की तेज डिलीवरी से हो गई। इससे शेयरों को सपोर्ट मिला। सप्लाई चेन को जियोपॉलिटिकल और टेक्निकल चुनौतियों से झटका लगा था।
इसके अलावा शेयरों को इस बात से सपोर्ट मिला कि एचएएल का ऑर्डर बुक वित्त वर्ष 2025 में ₹1.89 लाख करोड़ के मुकाबले वित्त वर्ष 2026 में करीब ₹2.54 लाख करोड़ पर मजबूत बना रहा, जो कंपनी के अनुमान के हिसाब से है। इसे ₹62,370 करोड़ के 97 एलसीए एमके1ए एयरक्राफ्ट, हेलीकॉप्टर और डॉर्नियर विमानों के ऑर्डर से सपोर्ट मिला। कंपनी का कहना है कि इसके मजबूत ऑर्डर पाइपलान से अगले 7-8 साल तक रेवेन्यू पक्का हो गया है जिसे ROH (मैन्युफैक्चरिंग, रिपेयर एंड ओवरऑल) और स्पेयर्स की मजबूत मांग से सपोर्ट मिल रहा है।
एक साल में कैसी रही हिंदुस्तान ऐरोनॉटिक्स के शेयरों की चाल?
डिफेंस सेक्टर की दिग्गज कंपनी एचएएल के शेयरों ने निवेशकों को करारा झटका दिया। पिछले साल 16 मई 2025 को बीएसई पर यह ₹5166.00 पर था जो इसके शेयरों के लिए एक साल का रिकॉर्ड हाई लेवल है। इस हाई लेवल से 10 महीने में यह 32.65% टूटकर पिछले वित्त वर्ष 2026 के आखिरी कारोबारी दिन यानी 30 मार्च को ₹3479.20 पर आ गया था जो इसके शेयरों के लिए एक साल का रिकॉर्ड निचला स्तर है।
डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।