Harikanta Overseas IPO Listing: लिस्ट होते ही लोअर सर्किट, 12% डिस्काउंट पर एंट्री के बाद और नीचे आया ₹91 का शेयर

Harikanta Overseas IPO Listing: हरिकांता ओवरसीज सिंथेकि टेक्सटाइल फैब्रिक्स बनाती है। अब इसके शेयर लिस्ट हुए हैं। इसके आईपीओ को निवेशकों का अच्छा रिस्पांस नहीं मिला था। इसके आईपीओ के तहत सिर्फ नए शेयर जारी हुए हैं। चेक करें कंपनी की कारोबारी सेहत कैसी है और आईपीओ के जरिए जुटाए गए पैसों का इस्तेमाल कंपनी कैसे करेगी

अपडेटेड Jun 02, 2026 पर 10:23 AM
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Harikanta Overseas IPO Listing: हरिकांता ओवरसीज का ₹24 करोड़ का आईपीओ सब्सक्रिप्शन के लिए 20-27 मई तक खुला था। आज इसके शेयरों की लिस्टिंग हुई है।

Harikanta Overseas IPO Listing: सिंथेटिक टेक्सटाइल फैब्रिक बनाने वाली कंपनी हरिकांता सर्विसेज के शेयरों की आज BSE SME पर भारी डिस्काउंट के साथ एंट्री हुई। इसके आईपीओ को भी निवेशकों का खास रिस्पांस नहीं मिला था और QIB को छोड़ बाकी दोनों कैटेगरीज के लिए आरक्षित हिस्सा तो पूरा भर भी नहीं पाया। इस आईपीओ के तहत ₹91.00 के भाव पर शेयर जारी हुए हैं। आज BSE SME पर इसकी ₹79.75 पर एंट्री हुई है यानी कि आईपीओ निवेशकों को कोई लिस्टिंग गेन नहीं मिला बल्कि लिस्टिंग पर 12.36% पूंजी ही घट गई। आईपीओ निवेशकों को और झटका तब लगा, जब शेयर टूट गए। टूटकर यह ₹75.77 (Harikanta Overseas Share Price) के लोअर सर्किट पर आ गया यानी कि आईपीओ निवेशक अब 16.74% घाटे में हैं।

Harikanta Overseas IPO के पैसे कैसे होंगे खर्च

हरिकांता ओवरसीज का ₹24 करोड़ का आईपीओ सब्सक्रिप्शन के लिए 20-27 मई तक खुला था। इस आईपीओ को निवेशकों का मिला-जुला रिस्पांस मिला था और ओवरऑल यह 1.12 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इसमें क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) के लिए आरक्षित हिस्सा 21.33 गुना (एक्स-एंकर), नॉन-इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (NII) का हिस्सा 0.70 गुना और खुदरा निवेशकों का हिस्सा 0.66 गुना भरा था। इस आईपीओ के तहत ₹10 की फेस वैल्यू वाले 26.70 लाख नए शेयर जारी हुए हैं। इन शेयरों के जरिए जुटाए गए पैसों में से ₹5.40 करोड़ फैक्ट्री प्रेमिसेज, ₹9.33 करोड़ मशीनरी की खरीदारी, ₹4.75 करोड़ वर्किंग कैपिटल की जरूरतों और बाकी पैसे आम कॉरपोरेट उद्देश्यों पर खर्च होंगे।


Harikanta Overseas के बारे में

वर्ष 2018 में बनी हरिकांता ओवरसीज सिंथेकि टेक्सटाइल फैब्रिक्स बनाती है। इसके प्रोडक्ट्स में इकट फैब्रिक्स, पालीएस्टर गारमेंट फैब्रिक्स, साड़ी फैब्रिक्स, धुपियन फैब्रिक्स, पॉली लिनेन और नेचुरल फाइबर फैब्रिक्स हैं। यह मुख्य रूप से साड़ी और कुर्ते के कपड़े तैयार करती है। इसके प्रोडक्ट्स की देश के बाहर बहरीन, थाईलैंड और सिंगापुर को भी सप्लाई होती है।

कंपनी के वित्तीय सेहत की बात करें तो वित्त वर्ष 2025 में इसे ₹4.47 करोड़ का शुद्ध मुनाफा और ₹35.50 करोड़ का टोटल इनकम हासिल हुआ था। पिछले वित्त वर्ष 2026 की बात करें तो अप्रैल-नवंबर 2025 में कंपनी को ₹5.09 करोड़ का शुद्ध मुनाफा और ₹26.28 करोड़ का टोटल इनकम हासिल हो चुका है। नवंबर 2025 के आखिरी में कंपनी पर ₹2.87 करोड़ का टोटल कर्ज था जबकि रिजर्व और सरप्लस में ₹11.68 करोड़ पड़े थे।

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डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

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