Harsha Upadhyay Top Picks:बाजार में आज एक बार फिर तेज गिरावट दिख रही है। इस करेक्शन में किन सेक्टर्स पर फोकस करना चाहिए। आगे कौन सी नई थीम उभर सकती है। इस पर सीएनबीसी-आवाज से बातचीत करते हुए कोटक महिंद्रा AMC के CIO-इक्विटी हर्षा उपाध्याय ने कहा कि शॉर्ट टर्म में लॉर्जकैप सेगमेंट में अच्छा करेक्शन देखने को मिला है और वैल्यूएशन में भी सुधार देखने को मिला है। लॉर्जकैप में अगर लंबी अवधि का नजरिया रख निवेश करना चाहते है तो यहां पर बहुत ज्यादा वैल्यूएशन रिस्क नहीं बचा है। वहीं मिड-स्मॉलकैप शेयरों में करेक्शन लॉर्जकैप की तुलना में कम हुआ है। दूसरी तिमाही के नतीजों पर ध्यान दे तो सालाना आधार पर लॉर्जकैप कंपनियों के प्रॉफिट पर 4 फीसदी की ग्रोथ देखने को मिली। लेकिन काफी सारे मिड- स्मॉलकैप कंपनियों ने नेगिटिव ग्रोथ दिखाई है।
हर्षा उपाध्याय ने आगे कहा कि मिड और स्मॉलकैप स्पेस में अभी और वैल्यूएशन करेक्शन होने की संभावना बनी हुई है। लेकिन लॉर्जकैप में शॉर्ट टर्म में वैल्यूएशन रिस्क खत्म हुआ है। बाजार में आई करेक्शन से लार्जकैप में वैल्यूएशन बेहतर हुए हैं। उन्होंने आगे कहा कि हो सकता है बाजार कुछ और समय के लिए कंसोलिडेट करता नजर आए लेकिन लॉर्जकैप में ज्यादा गिरावट की संभावना नजर नहीं आ रही है।
आईटी सेक्टर में आगे दिख सकती है ग्रोथ
हर्षा उपाध्याय ने कहा कि तीसरी तिमाही (Q3) के नतीजों में भी सुस्ती संभव है। लेकिन आईटी, बैंकिंग और फाइनेंशियल सर्विसेस सेक्टर में वैल्यूएशन का कंफर्ट नजर आ रहा है और इन सेक्टर में ग्रोथ भी रीजनल लेवल पर होगा। कैपिटल गुड्स, ऑटो और ऑटो एंसिलरी में करेक्शन के चलते इनके वैल्यूएशन अच्छे हुए है। इन तीनों सेक्टर के मीडियम टर्म ग्रोथ को लेकर कोई चिंता नहीं है। उन्होंने आगे कहा कि आईटी सेक्टर में आगे ग्रोथ दिख सकती है। हर्षा उपाध्याय ने आगे कहा कि ट्रांसपोर्टेशन और लॉजिस्टिक्स अहम सेक्टर है।
इंश्योरेंस सेक्टर में हमारी अंडरवेट पोजिशन
इंश्योरेंस रेगुलेटरी ने बैंकों के जरिये बेचे जाने वाले इंश्योंरेस पर 50% का कैप लगाने का फैसला किया है। इस पर बात करते हुए हर्षा उपाध्याय ने कहा कि लाइफ इंश्योरेंस सेगमेंट में हमारी पोजिशन है बिल्कुल अंडरवेट एक्सपोजर है। क्योंकि कई महीनों से इस सेक्टर में रेगुलेटरी एक्शन देखने को मिल रहा है। जिसका निगेटिव इंपेक्ट पहले भी देखने को मिला था और यह आगे भी जारी रह सकता है। जिसके कारण हमने प्राइवेट बैंक, पीएसयूब बैंक में निवेश करना बेहतर समझा। ना कि इंश्योरेंस कंपनियों पर, जहां रेगुलेटरी को लेकर हमेशा ही चिंताएं बनी रहती है। फिलहाल इंश्योरेंस सेगमेंट से दूर रहने में ही भलाई है।
क्विक कॉमर्स कंपनियों पर रहें निवेशित
QSR कंपनियों पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि QSR कंपनियों की तुलना में क्विक कॉमर्स कंपनियों पर एक्सपोजर ज्यादा है। क्विक कॉमर्स कंपनियों में लॉन्ग टर्म ग्रोथ ज्यादा बेहतर रहने की उम्मीद है। जिसके चलते क्विक कॉमर्स कंपनियों में पोजिशन बना कर रखनी चाहिए। हालांकि इस सेक्टर के वैल्यूएशन महंगे है लेकिन इनमें आगे तेजी की पूरी संभावनाएं नजर आ रही है।
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