हरियाणा सरकार ने AU Small Finance Bank के जरिए भी सरकारी लेनदेन रोका, शेयर 5% लुढ़का; बैंक ने शुरू किया इंटरनल रिव्यू

AU Small Finance Bank Share Price: बैंक ने कुछ कर्मचारियों को जांच तक ऑफ ड्यूटी कर दिया है। बैंक डी-एम्पैनलमेंट के कारणों का पता लगाने के लिए हरियाणा सरकार के साथ बातचीत भी कर रहा है। यह भी कहा है कि किसी भी फ्रॉड एक्टिविटी का कोई संकेत नहीं है

अपडेटेड Feb 23, 2026 पर 4:32 PM
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हरियाणा सरकार ने डी-एम्पैनलमेंट को लेकर सर्कुलर 18 फरवरी को जारी किया।

हरियाणा सरकार ने अगले ऑर्डर तक तुरंत प्रभाव से AU स्मॉल फाइनेंस बैंक और IDFC फर्स्ट बैंक को सरकारी काम के लिए डी-एम्पेनल्ड कर दिया है। राज्य सरकार इन इंस्टीट्यूशंस में कोई सरकारी फंड न ही जमा करेगी, न इनके जरिए इनवेस्ट करेगी और न ही ट्रांजेक्ट करेगी। आसान शब्दों में इन दोनों बैंकों के माध्यम से फिलहाल कोई भी सरकारी वित्तीय काम नहीं होगा। हरियाणा सरकार के इस फैसले के बाद AU स्मॉल फाइनेंस बैंक ने एक इंटरनल रिव्यू शुरू किया है और कुछ कर्मचारियों को जांच तक ऑफ ड्यूटी कर दिया है।

हरियाणा सरकार ने डी-एम्पैनलमेंट को लेकर सर्कुलर 18 फरवरी को जारी किया। AU Small Finance Bank ने 22 फरवरी को एक बयान में कहा, "बैंक के बोर्ड को सूचित कर दिया गया है और बैंक इस मामले पर अपना इंटरनल रिव्यू जारी रखे हुए है। एक फेयर और ट्रांसपेरेंट रिव्यू पक्का करने के लिए, कुछ कर्मचारियों को ऑफ ड्यूटी कर दिया गया है।" बैंक डी-एम्पैनलमेंट के कारणों का पता लगाने के लिए हरियाणा सरकार के साथ बातचीत भी कर रहा है। बैंक जरूरत पड़ने पर सरकार और किसी भी दूसरी अथॉरिटी के साथ पूरा सहयोग करेगा। हालांकि, बैंक ने यह भी कहा है कि किसी भी फाइनेंशियल असर या किसी फ्रॉड एक्टिविटी का कोई संकेत नहीं है।

राज्य सरकार ने क्या कहा सर्कुलर में


हरियाणा सरकार के आधिकारिक सर्कुलर में कहा गया है कि फाइनेंस डिपार्टमेंट को पता चला है कि कुछ बैंक उन शर्तों का पालन नहीं कर रहे हैं, जिनके तहत डिपार्टमेंट और कॉर्पोरेशन द्वारा फिक्स्ड डिपॉजिट किए जा रहे हैं। कई मामलों में, यह देखा गया है कि फ्लेक्सिबल डिपॉजिट या ज्यादा ब्याज देने वाले दूसरे फिक्स्ड डिपॉजिट इंस्ट्रूमेंट्स में फंड रखने के साफ निर्देशों के बावजूद बैंक, सेविंग्स अकाउंट में फंड रख रहे हैं, जिससे कम रिटर्न मिल रहा है और सरकार को वित्तीय नुकसान हो रहा है।

कई डिपार्टमेंट और कॉर्पोरेशन संबंधित बैंकों के साथ अपने फिक्स्ड डिपॉजिट और बैंक अकाउंट का रेगुलर मिलान नहीं कर रहे हैं, जिससे ऐसी गड़बड़ियों का समय पर पता नहीं चल पा रहा है। इसे देखते हुए, सभी डिपार्टमेंट, कॉर्पोरेशन, बोर्ड और PSU को निर्देश दिया गया है कि वे पक्का करें कि फिक्स्ड डिपॉजिट पूरी तरह से मंजूर शर्तों के हिसाब से हों।

राज्य सरकार का यह फैसला IDFC First Bank में 590 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी से जुड़ा लग रहा है। बैंक ने चंडीगढ़ की एक ब्रांच में हरियाणा सरकार के खातों में अपने कर्मचारियों और अन्य लोगों द्वारा की गई 590 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी का खुलासा किया है। बैंक ने कहा है कि उसने बैंकिंग रेगुलेटर को मामले की जानकारी दी है और पुलिस में भी शिकायत दर्ज कराई है। साथ ही 4 अधिकारियों को जांच पेंडिंग रहने तक सस्पेंड कर दिया है।

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AU Small Finance Bank का शेयर 7 प्रतिशत तक लुढ़का

हरियाणा सरकार की ओर से डी-एम्पेनल्ड किए जाने की खबर से AU स्मॉल फाइनेंस बैंक के शेयर में गिरावट है। 23 फरवरी को शेयर BSE पर पिछले बंद भाव से 7.6 प्रतिशत तक गिरकर 950.50 रुपये के लो तक गया। बाद में 5 प्रतिशत से ज्यादा गिरावट के साथ 975.40 रुपये पर सेटल हुआ। बैंक का मार्केट कैप 72900 करोड़ रुपये पर आ गया है। शेयर की फेस वैल्यू 10 रुपये है। IDFC First Bank का शेयर 20 प्रतिशत तक गिरकर BSE पर 66.85 रुपये के लो तक गया।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

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