आप किसी ऐसे शेयर की तलाश में हैं, जिसमें कमजोर बाजार में भी चढ़ने का दम है तो आप हैवल्स इंडिया के बारे में सोच सकते हैं। इस शेयर में 1 अक्तूबर को तेजी दिखी। इसकी वजह विदेशी ब्रोकरेज फर्म की रिपोर्ट है। उसने हैवेल्स के शेयर पर अपनी 'बाय' रेटिंग बनाए रखी है।
सिटी ने दिया 1525 रुपये का टारगेट प्राइस
Havells India का शेयर गुरुवार को 1 बजे 1.45 फीसदी चढ़कर 1,030.70 रुपये पर चल रहा था। सिटी ने इस शेयर के लिए 1,525 रुपये का टारगेट प्राइस दिया है। इसका मतलब है कि 30 सितंबर के अपने क्लोजिंग प्राइस से यह शेयर 50 फीसदी चढ़ सकता है। सिटी ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि शेयर में गिरावट के बाद इसमें रिस्क रिवॉर्ड पॉजिटिव हो गया है।
बीते दो साल के मुकाबले शेयर की कीमत आधी
बीते दो साल में हैवेल्स का शेयर काफी ज्यादा गिरा है। दो साल पहले के मुकाबले यह शेयर आधी कीमत पर मिल रहा है। 20 सितंबर, 2048 को इस शेयर का प्राइस 2,048 रुपये था। अब इसका प्राइस 1,028 रुपये पर चल रहा था। बीते एक साल में भी यह शेयर करीब 31 फीसदी फिसला है।
सितंबर तिमाही में अच्छा रह सकता है प्रदर्शन
सिटी ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि वायर्स एंड केबल्स बिजनेस में हैवेल्स की स्थिति काफी स्ट्रॉन्ग है। कस्टमर्स-फेसिंग सेगमेंट्स में भी रिकवरी दिखी है। सितंबर तिमाही में कंपनी की रेवेन्यू ग्रोथ 21 फीसदी और EBITDA ग्रोथ 28 फीसदी रह सकती है। मीडियम टर्म में रेवेन्यू ग्रोथ के मुकाबले कंपनी की प्रॉफिट ग्रोथ ज्यादा रह सकती है। लॉयड से जुड़े बिजनेस में लॉस घट रहा है।
जून तिमाही में नेट प्रॉफिट 15 फीसदी गिरा था
जून तिमाही में कंपनी का प्रदर्शन कमजोर था। नेट प्रॉफिट 15.4 फीसदी गिरकर 289 करोड़ पर आ गया था। हालांकि, रेवेन्यू 19.8 फीसदी बढ़कर 6,614 करोड़ पहुंच गई थी। EBITDA 8.8 फीसदी घटकर 474 रुपये था। मार्जिन घटकर 7.3 फीसदी पर आ गया था। एक साल पहले की समान अवधि में यह 9.6 फीसदी था।
28 एनालिस्ट्स ने दी शेयर खरीदने की सलाह
हैवेल्स इंडिया को कवर करने वाले 40 एनालिस्ट्स में से 28 ने इस शेयर को खरीदने की सलाह दी है। 8 ने होल्ड की रेटिंग दी है। चार एनालिस्ट्स ने इस शेयर को बेचने की सलाह दी है। 1 अक्तूबर को तब इस शेयर में तेजी दिखी, जब बाजार के प्रमुख सूचकांकों पर दबाव था। निफ्टी 1.14 फीसदी गिरकर 22,365 पर चल रहा था। सेंसेक्स 1.05 फीसदी गिरकर 71,700 पर चल रहा था।
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