शुक्रवार 13 अक्टूबर को एचसीएल टेक (HCL Technologies) के शेयरों में बढ़त देखने को मिल रही है। इसकी प्रमुख वजह जुलाई-सितंबर तिमाही के लिए कंपनी के वित्तीय नतीजे उम्मीद से ज्यादा अच्छे रहना है। FY24 की जुलाई-सितंबर तिमाही (Q2) में HCL Tech का कंसोलिडेटेड मुनाफा 9.92 प्रतिशत बढ़कर 3,833 रुपये रहा। अप्रैल-जून तिमाही में यह 3,534 करोड़ रुपये रहा था। 13 अक्टूबर को शेयर सुबह गिरावट के साथ BSE पर 1213.95 रुपये और NSE पर 1211 रुपये पर खुला। शुरुआती कारोबार में जल्द ही यह करीब 3.5 प्रतिशत की मजबूती दर्शाता हुआ 1266 रुपये के मार्क को क्रॉस कर गया।
कारोबार खत्म होने पर शेयर 2.5 प्रतिशत से ज्यादा की बढ़त के साथ 1255 रुपये के आसपास बंद हुआ है। पिछले 3 माह में शेयर 10 प्रतिशत से ज्यादा चढ़ा है। वहीं एक साल में यह 25 प्रतिशत से ज्यादा उछला है।
कॉन्ट्रैक्ट वैल्यू अब तक के रिकॉर्ड हाई पर
सितंबर तिमाही में HCL Tech की कुल कॉन्ट्रैक्ट वैल्यू अब तक के रिकॉर्ड हाई 3.96 अरब डॉलर पर रही। जून तिमाही में यह 1.56 अरब डॉलर थी। HCL टेक ने FY24 के लिए अपना रेवेन्यु ग्रोथ गाइडेंस घटा दिया है। इसके बावजूद एनालिस्ट्स को इससे अच्छी उम्मीद है। Morgan Stanley का कहना है कि गाइडेंस कट के बावजूद HCL अभी भी, अपनी प्रतिद्वंदी कंपनियों से बेहतर रेवेन्यु और EBIT मार्जिन्स दे सकती है।
शुरू कर रही सैलरी हाइक प्रोसेस
HCL Tech, FY24 के लिए अपनी वेज रिव्यूइंग प्रोसेस शुरू करने जा रही है। कंपनी के चीफ पीपुल ऑफिसर रामचंद्रन सुंदरराजन ने 12 अक्टूबर को कंपनी के जुलाई-सितंबर तिमाही (Q2) के वित्तीय नतीजे जारी करने के दौरान यह बात कही। हालांकि कंपनी की ओर से यह भी कहा गया है कि वेतन वृद्धि केवल जूनियर एंप्लॉयीज के लिए ही रहेगी। मिड और सीनियर मैनेजमेंट लेवल के एंप्लॉयीज की सैलरी वित्त वर्ष 2023-24 में नहीं बढ़ाई जाएगी। इसकी वजह है कि कंपनी चुनौतीपूर्ण और अनिश्चितता भरे कारोबारी माहौल का सामना कर रही है।