HDFC Bank ने पूर्व वित्त सचिव राजीव कुमार को बनाया नया पार्ट-टाइम चेयरमैन, 3 साल रहेगा कार्यकाल

HDFC Bank ने पूर्व वित्त सचिव और पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार को नया पार्ट-टाइम चेयरमैन नियुक्त किया है। उनकी नियुक्ति RBI की मंजूरी के बाद प्रभावी होगी। जानिए उनका कार्यकाल कितना होगा और बैंकिंग सुधारों में उनकी क्या भूमिका रही है।

अपडेटेड Jun 29, 2026 पर 9:59 PM
राजीव कुमार की नियुक्ति के बाद HDFC Bank ने अपनी 32वीं AGM के नोटिस में संशोधन किया है।

HDFC Bank ने पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) और पूर्व वित्त सचिव राजीव कुमार को अपना नया पार्ट-टाइम चेयरमैन नियुक्त किया है। हालांकि, उनकी नियुक्ति भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की मंजूरी मिलने के बाद ही प्रभावी होगी।

बैंक के बोर्ड ने उन्हें तीन साल के लिए पार्ट-टाइम चेयरमैन बनाने को मंजूरी दी है। उनका कार्यकाल RBI की मंजूरी मिलने की तारीख से शुरू होगा।

स्वतंत्र निदेशक भी बनाए गए


बोर्ड ने राजीव कुमार को 30 जून 2026 से चार साल के लिए अतिरिक्त स्वतंत्र निदेशक नियुक्त करने को भी मंजूरी दी है। इसके लिए शेयरधारकों की मंजूरी जरूरी होगी।

HDFC Bank ने बताया कि यह नियुक्ति बैंक की गवर्नेंस, नॉमिनेशन एंड रेम्यूनरेशन कमेटी की सिफारिश पर की गई है।

AGM के नोटिस में किया बदलाव

राजीव कुमार की नियुक्ति के बाद HDFC Bank ने अपनी 32वीं AGM के नोटिस में संशोधन किया है। इसमें उनकी नियुक्ति से जुड़े प्रस्ताव भी शामिल किए गए हैं।

बैंक ने यह भी कहा कि SEBI या किसी अन्य नियामक संस्था ने राजीव कुमार पर किसी कंपनी में निदेशक बनने पर कोई रोक नहीं लगाई है।

चार दशक का प्रशासनिक अनुभव

राजीव कुमार भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) के पूर्व अधिकारी हैं। उनके पास 40 साल से ज्यादा का प्रशासनिक अनुभव है। उन्होंने सार्वजनिक नीति, वित्तीय क्षेत्र में सुधार और संस्थागत विकास से जुड़े कई अहम पदों पर काम किया है।

बैंकिंग सुधारों में निभाई बड़ी भूमिका

HDFC Bank के मुताबिक, राजीव कुमार 2017 से 2020 तक वित्तीय सेवा विभाग के सचिव रहे। इस दौरान उन्होंने सरकारी बैंकों में पूंजी डालकर उन्हें मजबूत करने (रीकैपिटलाइजेशन), बैंकों के मर्जर, बैंकिंग गवर्नेंस में सुधार और नियामकीय ढांचे को मजबूत बनाने जैसे बड़े सुधारों में अहम भूमिका निभाई।

विजया बैंक और देना बैंक का मर्जर

विजया बैंक और देना बैंक का बैंक ऑफ बड़ौदा में विलय कराने में राजीव कुमार की अहम भूमिका रही। उन्होंने बैंकिंग टेक्नोलॉजी में भी कई सुधार किए। डिजिटल पेमेंट्स को बढ़ावा देने पर काम किया। डिपॉजिट प्रोटेक्शन को मजबूत बनाया। साथ ही वित्तीय स्थिरता से जुड़े कई अहम सुधारों की अगुआई की।

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