एचडीएफसी बैंक ने अपने तीन एग्जिक्यूटिव्स को बैंक छोड़ने को कहा है। इसकी वजह क्रेडिट सुइस के एडिशनल टियर 1 बॉन्ड्स की मिससेलिंग में उनकी कथित संलिप्तता है। सूत्रों ने मनीकंट्रोल को यह जानकारी दी। देश के सबसे बड़े प्राइवेट बैंक ने संपत कुमार, हर्ष गुप्ता और पायल मंधायन की सेवाएं समाप्त कर दी हैं।
बैंक ने मिस-सेलिंग मामले की जांच के बीच उठाया कदम
संपत कुमार एचडीएफसी बैंक में ब्रांच बैंकिंग के ग्रुप हेड थे। हर्ष गुप्ता मिडिल ईस्ट, अफ्रीका और एनआरआई ऑनशोर बिजनेस के वाइस प्रेसिडेंट थे। पायल सीनियर वाइस प्रेसिडेंट थे। सूत्रों बताया कि कथित मिस-सेलिंग मामले की जांच जारी रहने के बीच बैंक ने यह कदम उठाया है।
अतनु चक्रवर्ती के इस्तीफे के 2 दिन बाद बैंक ने उठाया कदम
यह जानकारी नहीं मिली है कि इन लोगों को कंपनी छोड़ने को कब कहा गया। इस बारे में मनीकंट्रोल के सवालों का जवाब एचडीएफसी बैंक ने नहीं दिया। बैंक के पार्ट-टाइम चेयरमैन अतनु चक्रवर्ती के अचानक इस्तीफा देने के दो दिन बाद बैंक से जुड़ी यह खबर आई है। चक्रवर्ती ने 'मूल्य और नैतिकता' का हवाला देते हुए अपने पद से इस्तीफा दे दिया था।
एटी-1 बॉन्ड्स की मिस-सेलिंग की चल रही है जांच
एचडीएफसी बैंक अपनी दुबई ब्रांच से हाई-रिस्क एटी-1 बॉन्ड्स की मिस-सेलिंग के आरोपों की जांच कर रहा है। एक शिकायत में यह आरोप लगाया गया है कि बैंक ने अपने रिटेल कस्टमर्स को इन हाई-यील्ड इंस्ट्रूमेंट्स को 'सुरक्षित निवेश' बताकर बेचा था। क्रेडिट सुइस के दिवालिया होने और यूबीएस का उसका अधिग्रहण कर लेने पर इन बॉन्ड्स को राइट-ऑफ कर दिया गया था।
एक एचएनआई ने जुलाई में की थी मामले की शिकायत
दुबई फाइनेंशियल सर्विसेज अथॉरिटी (DFSA) ने इन हाई रिस्क और कॉम्प्लेक्स सिक्योरिटीज की सेल्स प्रोसेस में सही तरीके नहीं अपनाने की वजह से एचडीएफसी बैंक को नए कस्टमर्स बनाने से रोक दिया था। मनीकंट्रोल ने जुलाई में खबर दी थी कि एक हाई-नेटवर्थ इंडिविजुअल ने इकोनॉमिक ऑफेसेंजे विंग (EoW) की नागपुर ब्रांच में शिकायत की थी। इस शिकायत में एचडीएफसी बैंक के चार अधिकारियों के नाम बताए गए थे।
दो दिन में 7 फीसदी से ज्यादा गिरे बैंक के शेयर
ब्लूमबर्ग ने अक्तूबर में बताया था कि देश के सबसे बड़े प्राइवेट बैंक ने मिस-सेलिंग मामले की जांच के दौरान अपने दो एक्जिक्यूटिव्स को छुट्टी पर भेज दिया था। एचडीएफसी बैंक के शेयरों में 20 मार्च को भी गिरावट दिखी। सुबह में यह शेयर कमजोरी के साथ खुला। पूरे दिन इस पर बिकवाली दबाव बना रहा। कारोबार के अंत में यह 2.15 फीसदी गिरकर 781 रुपये पर बंद हुआ। दो दिन में यह शेयर 7 फीसदी से ज्यादा गिर चुका है।