HDFC Bank Shares: एचडीएफसी बैंक के शेयरों में हालिया गिरावट के बावजूद ब्रोकरेज फर्मों का इस स्टॉक पर भरोसा कायम है। बैंक के पार्ट-टाइम चेयरमैन अतनु चक्रवर्ती के इस्तीफे के बाद शेयर में तेज गिरावट देखी जा रही है। हालांकि एनालिस्ट्स का मानना है कि बैंक के कॉरपोरेट गवर्नेंस को लेकर कोई बड़ी चिंता नहीं है और मौजूदा स्तरों से इसमें अच्छी तेजी की गुंजाइश बनी हुई है।
HDFC बैंक के शेयर गुरुवार को 5.1% गिरकर 800 रुपये के स्तर पर बंद हुए थे। कारोबार के दौरान यह 8.7% तक लुढ़क गया था, जो पिछले दो साल की सबसे बड़ी इंट्राडे गिरावट थी। इस गिरावट की वजह चेयरमैन के इस्तीफे के बाद गवर्नेंस को लेकर उठे सवाल रहे।
‘Buy’ रेटिंग कायम, ऊंचे टारगेट प्राइस
जेफरीज का कहना है कि मैनेजमेंट और बोर्ड के साथ बातचीत के बाद यह स्पष्ट हुआ है कि कुछ मामूली मुद्दे हो सकते हैं, लेकिन बैंक का कॉरपोरेट गवर्नेंस मजबूत है और इसमें कोई समझौता नहीं हुआ है। ब्रोकरेज ने यह भी कहा कि केकी मिस्त्री को अंतरिम चेयरमैन बनाए जाने से नेतृत्व में निरंतरता बनी रहेगी, जिससे निवेशकों की चिंता कम होगी।
जेफरीज ने इस बात पर भी जोर दिया कि अतनु चक्रवर्ती ने अपने इस्तीफे में किसी भी तरह की गड़बड़ी से इनकार किया है। साथ ही भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने भी साफ किया है कि बैंक के गवर्नेंस को लेकर कोई गंभीर चिंता नहीं है। यह संकेत निवेशकों के लिए पॉजिटिव माने जा रहे हैं।
मोतीलाल ओसवाल भी बुलिश, 38% तक अपसाइड
ब्रोकरेज फर्म मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज ने भी HDFC बैंक के शेयर पर अपनी ‘Buy’ रेटिंग दोहराई है और 1,100 रुपये का टारगेट प्राइस दिया है, जो करीब 38% की संभावित तेजी दिखाता है।
ब्रोकरेज का कहना है कि बैंक और नियामक दोनों ने स्पष्ट किया है कि इस्तीफे से पहले किसी तरह की गवर्नेंस, ऑपरेशनल या रेगुलेटरी समस्या नहीं थी। RBI का यह बयान कि “कोई बड़ी चिंता रिकॉर्ड पर नहीं है”, निवेशकों के भरोसे को मजबूत करता है।
ब्रोकरेज के मुताबिक, निवेशकों की नजर अब स्थायी चेयरमैन की नियुक्ति और CEO उत्तराधिकार प्रक्रिया पर रहेगी। मोतीलाल ओसवाल का मानना है कि इन मुद्दों पर स्पष्टता आने से शेयर में भरोसा और मजबूत होगा।
HDFC Bank का शेयर पिछले एक साल में करीब 9.5% गिरा है, जबकि इसी दौरान निफ्टी 50 में सिर्फ 0.8% की गिरावट आई है। हालांकि, इसके बावजूद बैंक की कैपिटल पोजिशन, लिक्विडिटी और बिजनेस ग्रोथ मजबूत बनी हुई है।
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