HDFC Bank Shares: एचडीएफसी बैंक ने एक्सचेंज फाइलिंग में एक बड़ा खुलासा किया है जिसका इसके शेयरों पर पॉजिटिव असर दिखा और यह शुरुआती कारोबार में ही 3% से अधिक उछल गया। एक कारोबारी दिन पहले यह टूटकर एक साल के रिकॉर्ड निचले स्तर पर आ गया था। पार्ट-टाइम चेयरमैन के इस्तीफे और तीन एंप्लॉयीज को हटाए जाने के चलते शेयरों को ऐसा शॉक लगा कि क्लोजिंग बेसिस पर यह चार कारोबारी दिनों में 12% टूट गया। अब बैंक ने एक और बड़ा ऐलान किया है, जिसका असर शेयरों पर दिख सकता है। अभी की बात करें तो आज बीएसई पर यह 2.88% की बढ़त के साथ ₹765.15 पर बंद हुआ है। इंट्रा-डे में यह 3.88% उछलकर ₹772.60 तक पहुंच गया था।
क्या जानकारी दी है HDFC Bank ने?
एचडीएफसी बैंक ने आज तड़के सुबह एक्सचेंज फाइलिंग में जानकारी दी कि पार्ट-टाइम चेयरमैन अतनु चक्रवर्ती (Atanu Chakraborty) के इस्तीफे से जुड़े मामले को लेकर एक एक्सटर्नल लॉ फर्म को नियुक्त किया गया है जो बैंक को एक रिपोर्ट देगा। अतनु चक्रवर्ती ने बोर्ड से मतभेदों पर 18 मार्च को पार्ट टाइम चेयरमैन और इंडिपेंडेंट डायरेक्टर के पद से इस्तीफा दे दिया था। अपने इस्तीफे में उन्होंने लिखा कि पिछले दो वर्षों में बैंक के भीतर कुछ ऐसी बातें हुईं जो उनके व्यक्तिगत मूल्यों और नैतिकता के हिसाब से नहीं थी, और इसी कारण उन्होंने इस्तीफे दिया।
वहीं तीन एंप्लॉयीज को बर्खास्त होने वाले मामले की बात करें तो बैंक ने यह फैसला दुबई रेगुलेटरी नोटिस से जुड़े आंतरिक जांच के बाद लिया। बैंक ने स्पष्ट किया कि यह मामला दुबई फाइनेंशियल सर्विसेज अथॉरिटी (DFSA) द्वारा 25 सितंबर 2025 को दिए गए फैसले के नोटिस से जुड़ा है, जो इसके दुबई इंटरनेशनल फाइनेंशियल सेंटर (DIFC) ब्रांच से जुड़ा था। बैंक के मुताबिक GNRC (गवर्नेंस, नॉमिनेशन एंड रेम्यूनरेशन कमेटी) ने अंदरूनी जांच का निर्देश दिया था। जांच अधिकारी की रिपोर्ट के आधार पर कमेटी ने कार्रवाई की सिफारिश की। 9 मार्च की बैठक में GNRC ने तीन एंप्लॉयीज को निकालने के साथ-साथ कार्रवाई का फैसला लिया। ये एंप्लॉयीज बोर्ड के सामने अपील कर सकते हैं।
बैंक ने पिछले हफ्ते संपत कुमार (ग्रुप हेड, ब्रांच बैंकिंग), हर्ष गुप्ता (ईवीपी – मिडिल ईस्ट, अफ्रीका और NRI बिजनेस) और पायल मंध्यान (एसवीपी) को क्रेडिट सुईस के एटी-1 बॉन्ड्स की गलत तरीके से बिक्री में शामिल होने के आरोप में हटाया था। इसमें से हर्ष और पायल को तो जनवरी 2025 से दुबई ब्रांच से जुड़ी आंतरिक जांच के नतीजे आने तक सस्पेंड कर दिया गया था।
एक साल में कैसी रही शेयरों की चाल?
प्राइवेट सेक्टर के सबसे बड़े लेंडर एचडीएफसी बैंक ने निवेशकों को करारा झटका दिया है। पिछले साल 23 अक्टूबर 2025 को बीएसई पर यह ₹1020.35 पर था जो इसके शेयरों के लिए एक साल का रिकॉर्ड हाई लेवल है। इस हाई लेवल से 5 ही महीने में यह 27.38% टूटकर एक कारोबारी दिन पहले 23 मार्च 2026 को ₹740.95 पर आ गया जो इसके शेयरों के लिए एक साल का रिकॉर्ड निचला स्तर है। इसके शेयरों के आगे की चाल की बात करें तो इसे कवर करने वाले 47 में से 45 एनालिस्ट्स ने खरीदारी की रेटिंग दी है। हालांकि सोमवार को ब्रोकरेज फर्म एचएसबीसी ने इसका टारगेट प्राइस 1070 से घटाकर ₹990 कर दिया।
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