HDFC Bank Share Price : 15 सितंबर को शुरुआती कारोबार में HDFC बैंक के शेयरों में 3 प्रतिशत की बढ़त देखने को मिली और यह Nifty पर सबसे ज्यादा बढ़त वाले शेयरों में शामिल हो गया। बैंक ने रिजर्व बैंक ऑफ़ इंडिया (RBI) को दो उम्मीदवारों के नाम सौंपकर अपने CEO के उत्तराधिकार की प्रक्रिया को औपचारिक रूप से आगे बढ़ाया है। नोमुरा ने इस स्टॉक पर अपनी 'बाय' रेटिंग बनाए रखी है और कहा है कि इस कदम से किसी अंदरूनी व्यक्ति की नियुक्ति या फिर किसी भरोसेमंद बाहरी उम्मीदवार से लीडरशिप को लेकर बनी अनिश्चितता को दूर करने में मदद मिल सकती है।
शुक्रवार को हुई 2.08 प्रतिशत की बढ़त को आगे बढ़ाते हुए यह स्टॉक आज 2.99 प्रतिशत चढ़कर 729.40 रुपये पर पहुंच गया। सुबह करीब 9:30 बजे ब्रॉडर मार्केट में भी अच्छी तेजी देखने को मिल रही थी। सेंसेक्स 440 अंक या 0.59 प्रतिशत बढ़कर 75,222 पर और निफ्टी 50 120 अंक या 0.51 प्रतिशत बढ़कर 23,518 पर कारोबार कर रहा था।
HDFC बैंक ने 12 सितंबर को बताया कि उसके बोर्ड ने RBI को तीन साल के कार्यकाल के लिए मैनेजिंग डायरेक्टर और CEO के पद पर नियुक्ति के लिए प्राथमिकता के क्रम में दो उम्मीदवारों के नाम भेजे हैं। बैंक ने उनकी पहचान का खुलासा नहीं किया है।
इस कदम से मौजूदा MD और CEO शशिधर जगदीशन के अक्टूबर में रिटायर होने से पहले उत्तराधिकार चुनने की प्रक्रिया औपचारिक रूप से आगे बढ़ी है। बैंकिंग नियमों के तहत,प्राइवेट सेक्टर के बैंकों के मैनेजिंग डायरेक्टर और CEO की नियुक्ति के लिए RBI की मंजूरी जरूरी होती है।
माना जा रहा है कि HDFC बैंक के डिप्टी मैनेजिंग डायरेक्टर और लंबे समय से सीनियर एग्जीक्यूटिव के तौर पर काम कर रहे कैज़ाद भरूचा इस टॉप पद के लिए दावेदार हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक,बोर्ड की ओर से सुझाए गए दूसरे उम्मीदवार एक अनुभवी प्राइवेट-सेक्टर बैंकर हैं।
नोमुरा ने HDFC बैंक के लिए अपनी 'बाय'रेटिंग बनाए रखते हुए 950 रुपये प्रति शेयर का टारगेट प्राइस तय किया है। इसका मतलब है कि शुक्रवार को बंद हुए 708.25 रुपये के भाव से इसमें करीब 34 प्रतिशत की बढ़त की गुंजाइश है। ब्रोकरेज का कहना है कि अंदर से ही किसी को नियुक्त करने से कामकाज में निरंतरता बनी रहेगी और लीडरशिप का बदलाव आसानी से हो सकेगा,जिससे निकट भविष्य में राहत मिल सकती है। साथ ही, भरूचा का HDFC बैंक से पुराना नाता भी उनके पक्ष में काम करेगा।
नोमुरा का कहना है कि हालांकि,बाहर से किसी भरोसेमंद व्यक्ति की नियुक्ति मध्यम अवधि में ज्यादा अहम साबित हो सकती है,क्योंकि इससे एक व्यापक रणनीतिक बदलाव संभव हो सकेगा। HDFC बैंक के स्टॉक का प्रदर्शन उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा है,ऐसे में ब्रोकरेज का मानना है कि अगर नई लीडरशिप ग्रोथ,डिपॉजिट जुटाने और मार्जिन के लिए एक स्पष्ट रोडमैप तैयार कर पाती है तो बैंक की रेटिंग में सुधार की गुंजाइश है।
गौरतलब है कि HDFC बैंक के शेयरों में 2026 में अब तक 28.5% की गिरावट आई है,जो निफ्टी 50 के मुकाबले काफी खराब प्रदर्शन है। इस दौरान निफ्टी में 10.5% की गिरावट आई है। शुक्रवार को बाजार बंद होने के समय बैंक का मार्केट कैपिटलाइज़ेशन 10.92 लाख करोड़ रुपये था।
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