HDFC Merger: विलय के बाद भी MSCI इंडेक्स में नहीं शामिल हो पाएगा HDFC बैंक, शेयरों में खत्म हो सकती है तेजी!

HDFC-HDFC Bank Merger: HDFC लिमिटेड का HDFC बैंक में विलय की खबर से दोनों कंपनियों की शेयरों में आई तेजी जल्द ही खत्म हो सकती है

अपडेटेड Apr 04, 2022 पर 3:09 PM
फिलहाल HDFC लिमिटेड, MSCI इंडेक्स का हिस्सा है, लेकिन HDFC Bank नहीं

HDFC-HDFC Bank Merger: HDFC लिमिटेड का HDFC बैंक में विलय की खबर से दोनों कंपनियों की शेयरों में आई तेजी जल्द ही खत्म हो सकती है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि विलय के बाद HDFC बैंक की MSCI इंडेक्स में एंट्री की संभावना नहीं बनती है। ऐसे में शेयरों में आई भारी उछाल पर जल्द ही ब्रेक लग सकता है।

HDFC ने सोमवार 4 अप्रैल को शेयर बाजारों को भेजी एक सूचना में बताया कि कंपनी HDFC बैंक के साथ अपना विलय कर रही है। विलय के बाद HDFC बैंक देश के सबसे बड़े वित्तीय संस्थानों में से एक बन जाएगा, जिसका मार्केट कैपिटलाइजेशन 12.5 लाख करोड़ से अधिक होगा। मार्केट कैपिटलाइजेशन का यह आंकड़ा शुक्रवार को दोनों कंपनियों के शेयरों के बंद भाव के आधार पर है।

विलय के ऐलान के बाद HDFC लिमिटेड और HDFC बैंक, दोनों के शेयर एक समय 15 फीसदी तक चढ़ गए थे। हालांकि बाद में इन थोड़ी गिरावट आई और खबर लिखे जाने के समय दोनों शेयर करीब 8 फीसदी की उछाल के साथ कारोबार कर रहे थे।


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MSCI इंडेक्स पर विदेशी एक्सचेंज ट्रेडेड फंड्स (ETF) काफी करीबी से निगाह रखते हैं और यही वजह है कि इस इंडेक्स में शामिल कंपनियों में आमतौर पर अधिक विदेशी निवेश देखने को मिलता है। हालांकि सोमवार को जब निवेशकों को एहसास हुआ कि विलय के बाद भी HDFC Bank के MSCI इंडेक्स में शामिल होने की संभावना कम है, तब उन्होंने इसमें मुनाफावसूली शुरू कर दी। इसी वजह से इसके शेयरों में बढ़त दिन का कारोबार बढ़ने के साथ कम होता गया।

फिलहाल HDFC लिमिटेड, MSCI इंडेक्स का हिस्सा है, लेकिन HDFC Bank नहीं। दरअसल MSCI इंडेक्स में शामिल होने के लिए किसी कंपनी के शेयरों में 15% तक विदेशी निवेश की गुंजाइश होनी चाहिए और HDFC बैंक इस शर्त को पूरा नहीं करता हैं।

ब्रोकरेज फर्म मैक्वेरी सिक्योरिटीज इंडिया (Macquarie Securities India) ने बताया कि विलय के बाद भी HDFC बैंक में विदेशी हिस्सेदारी के लिए केवल 10.58 प्रतिशत जगह होगा, जो कि 15 प्रतिशत की सीमा से काफी कम है।

विलय के बाद HDFC बैंक में विदेशी स्वामित्व 66 फीसदी रहने की संभावना है। प्राइवेट बैंकों में विदेशी निवेश की सीमा फिलहाल 74 फीसदी है।

मैक्वेरी के एक डीलर ने कहा, "HDFC का HDFC बैंक में विलय हो गया है। ऐसे में मुझे ऐसा लगता है कि HDFC अब MSCI इंडिया से बाहर हो जाएगा और HDFC बैंक को MSCI इंडिया में जगह नहीं मिलेगी क्योंकि इसमें विदेशी निवेश की गुंजाइश 15% से कम है।"

कुछ एनालिस्ट्स ने कहा कि HDFC बैंक को MSCI सूचकांकों में शामिल नहीं करने से इस शेयर पर भारी असर पड़ सकता है।

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