HDFC Bank में HDFC का विलय होने जा रहा है। इस मर्जर के बाद HDFC Bank में HDFC की 41% हिस्सेदारी होगी। इससे HDFC Bank का होमलोन पोर्टफोलियो मजबूत होगा और ग्राहकों की संख्या बढ़ेगी। सोमवार सुबह विलय के ऐलान के बाद HDFC Bank के शेयर 14.4% और HDFC के शेयरों में 19.6% तेजी आई है।
इस विलय के बाद HDFC के शेयरहोल्डर्स को 2 रुपए फेस वैल्यू वाले HDFC के हर 25 शेयर पर HDFC Bank के 1 रुपए फेस वैल्यू वाले 42 शेयर मिलेंगे।
HDFC Bank ने रविवार को मार्च तिमाही के अपने आंकड़े जारी किए थे। ऐसे में इस बात की भी संभावना है कि आज बैंक के शेयरों में जो तेजी आई है उस पर मार्च तिमाही के जबरदस्त लोन ग्रोथ का भी असर है।
उसको आधार बनाकर ब्रोकरेज हाउस मोतीलाल ओसवाल का कहना है कि फिस्कल ईयर 2023 में HDFC Bank का मार्जिन बेहतर होने की उम्मीद है। इसके साथ ही रिटेल लोन ग्रोथ बढ़ने से भी फीस इनकम में इजाफा होगा। बैंक का कासा रेशियो बढ़कर 48% पहुंच गया है। इसके साथ ही बैंक का रिटेल डिपॉजिट भी मजबूत हुआ है।
ब्रोकरेज हाउस ने HDFC Bank के शेयरों का टारगेट प्राइस 2000 रुपए दिया है।
पूरी तरह पब्लिक कंपनी बन जाएगा HDFC Bank
दिलचस्प है कि इस डील के बाद HDFC Bank के शेयर होल्डिंग पैटर्न में कोई प्रमोटर नहीं रह जाएगा। ऐसा इसलिए होगा क्योंकि HDFC अभी तक HDFC Bank की प्रमोटर कंपनी है। अब HDFC का विलय HDFC Bank में होने के बाद बैंक की पूरी शेयरहोल्डिंग्स डोमेस्टिक इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (DII), फॉरेन इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (FII) और रिटेल इनवेस्टर्स के पास होगी। HDFC की शेयरहोल्डिंग में पहले से ही कोई प्रमोटर कंपनी नहीं थी। इसमें FII और DII की मेजर स्टेक होल्डिंग रही है।