Amba Auto IPO Listing: बजाज ऑटो और एलजी इलेक्ट्रॉनिक्स के प्रोडक्ट्स बेचने वाली और सर्विसेज मुहैया कराने वाली अंबा ऑटो के शेयरों की आज NSE SME पर डिस्काउंट भाव एंट्री हुई। इसके आईपीओ को निवेशकों का मिला-जुला रिस्पांस मिला था और खुदरा निवेशकों का हिस्सा तो पूरा भर भी नहीं पाया था। इसके आईपीओ के तहत ₹135 के भाव पर शेयर जारी हुए हैं। आज NSE SME पर इसकी ₹134.50 पर एंट्री हुई है यानी कि आईपीओ निवेशकों को कोई लिस्टिंग गेन नहीं मिला बल्कि उन्हें 0.37% का घाटा हुआ। आईपीओ निवेशकों को और झटका तब लगा, जब शेयर फिसल गए। टूटकर यह ₹127.80 (Amba Auto Share Price) के लोअर सर्किट पर आ गया।
इस निचले स्तर से रिकवर होकर यह ₹137.50 की ऊंचाई तक पहुंचा। दिन के आखिरी में मुनाफावसूली के चलते यह थोड़ा फिसलकर ₹135.00 पर बंद हुआ है यानी कि पहले कारोबारी दिन की समाप्ति पर आईपीओ निवेशक 0.48% मुनाफे में हैं।
Amba Auto IPO के पैसे कैसे होंगे खर्च
अंबा ऑटो का ₹65 करोड़ का आईपीओ सब्सक्रिप्शन के लिए 27-29 अप्रैल तक खुला था। इस आईपीओ को निवेशकों का मिला-जुला रिस्पांस मिला था और ओवरऑल यह 1.19 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इसमें क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) के लिए आरक्षित हिस्सा 1.75 गुना (एक्स-एंकर), नॉन-इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (NII) का हिस्सा 1.47 गुना और खुदरा निवेशकों का हिस्सा 0.70 गुना भरा था। इस आईपीओ के तहत ₹10 की फेस वैल्यू वाले 48.24 लाख नए शेयर जारी हुए हैं। इन शेयरों के जरिए जुटाए गए पैसों में से ₹6.32 करोड़ नए शोरूम बनाने और मौजूदा शोरूम के रिनोवेशन, ₹43.00 करोड़ वर्किंग कैपिटल की जरूरतों और बाकी पैसे आम कॉरपोरेट उद्देश्यों पर खर्च होंगे।
वर्ष 2005 में बनी अंबा ऑटो सेल्स एंड सर्विस अंबा बजाज के ब्रांड नाम से बजाज ऑटो की और अंबा एलजी बेस्ट शॉप के नाम से एलजी इलेक्ट्रॉनिक्स इंडिया लिमिटेड की ऑथराइज्ड डीलर के रूप में काम करती है। बेंगलुरू में इसके 29 शोरूम और सर्विस सेंटर्स हैं। ऑटोमोबाइल्स बिजनेस के तहत यह मोटरसाइकिल्स, स्कूटर्स (चेतक), स्पोर्ट्स बाइक्स (केटीएम) और बजाज ऑटो के तिपहिया की बिक्री करती है। साथ ही कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स बिजनेस के तहत यह टीवी, एयर कंडीशनर्स, रेफ्रिजेरेटर्स, वॉशिंग मशीन्स और एलजी के छोटे एंप्लाएंसेज की बिक्री करती है।
कंपनी के वित्तीय सेहत की बात करें तो यह लगातार मजबूत हुई है। वित्त वर्ष 2023 में इसे ₹64 लाख का शुद्ध मुनाफा हुआ था जो अगले वित्त वर्ष 2024 में उछलकर ₹2.89 करोड़ और फिर वित्त वर्ष 2025 में ₹7.78 करोड़ पर पहुंच गया। इस दौरान कंपनी की टोटल इनकम भी सालाना 46% से अधिक की चक्रवृद्धि दर (CAGR) से बढ़कर ₹242.46 करोड़ पर पहुंच गई। पिछले वित्त वर्ष 2026 की बात करें तो अप्रैल-दिसंबर 2025 में कंपनी को ₹12.11 करोड़ का शुद्ध मुनाफा और ₹203.79 करोड़ का टोटल इनकम हासिल हुआ। दिसंबर 2026 के आखिरी में कंपनी पर ₹57.42 करोड़ का कर्ज था तो रिजर्व और सरप्लस में ₹13.40 करोड़ पड़े थे।
डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।