पिछले कुछ महीनों में भारत को कई बड.ी आपदाओं का सामना करना पड़ा है जिससे देश की ग्रोथ औऱ इकोनॉमिक रिकवरी को भारी चोट लगी है। इन आपदाओं में सबसे ताजी आपदा ब्लैक फंगस, कोरोना की दूसरी लहर और तौकते तूफान (Cyclone Tauktae) हैं।

पिछले कुछ महीनों में भारत को कई बड.ी आपदाओं का सामना करना पड़ा है जिससे देश की ग्रोथ औऱ इकोनॉमिक रिकवरी को भारी चोट लगी है। इन आपदाओं में सबसे ताजी आपदा ब्लैक फंगस, कोरोना की दूसरी लहर और तौकते तूफान (Cyclone Tauktae) हैं।
इन आपदाओं ने देश को भारी चोट पहुंचाई है लेकिन इस बार मॉनसून के अच्छे रहने की संभावना मन में उम्मीद की किरण जगा रही है। भारतीय मौसम विभाग ने हाल ही में कहा है कि इस साल दक्षिणी-पश्चिमी मॉनसून 98 फीसदी लॉन्ग पीरयड एवरेज (LPA) के साथ सामान्य रह सकता है।
लगातार तीसरे साल अच्छा मॉनसून देश में बंपर कृषि उत्पादन और कोरोना की मार से जूझ रही इकोनॉमी पर उसके अच्छे प्रभाव का संकेत है।
भारतीय मौसम विभाग के मॉनसून घोषणाओं का समर्थन करते हुए प्राइवेट एजेसी स्काईमेट ने भी मॉनसून के सामान्य रहने की भविष्यवाणी की है। स्काईमेट का कहना है कि इस बार मॉनसून एलपीए का 103 फीसदी रह सकता है।
बता दें कि दक्षिणी-पश्चिमी मॉनसून भारत के कृषि में सबसे बड़ी भूमिका निभाता है। देश में लगभग 70-75 वार्षिक वर्षा दक्षिणी-पश्चिमी मॉनसून से ही होती है। देश की जीडीपी में कृषि का योगदान 15-17 फीसदी है। कृषि सेक्टर देश में 55-60 फीसदी रोजगार में भी देता है। इन आंकड़ो से मॉनसून अच्छे रहने का इकोनॉमी पर क्या असर पड़ता है इसका साफ संकेत मिलता है।
मॉनसून के बादलों और दलाल स्ट्रीट की गतिविधियों का बहुत तगड़ा आपसी संबंध है। मॉनसून अच्छा रहने से रुलर स्पेंडिग में बढ़त देखने को मिल सकती है जिसका फायदा रूरल इकोनॉमी से जुड़ी कंपनियों को होता है।
मॉनसून सीजन के आसपास कई सेक्टरों के इक्विटी शेयरों में जोरदार बढ़त दिखने की उम्मीद है। इनमें तो सबसे पहले फर्टिलाइजर कंपनियां आती हैं जिनकी बिक्री रूरल डिमांड में मजबूती की वजह से बढ़ती है। हाल के दिनों में हमें फर्टिलाइजर कंपनियां रिकॉर्ड उत्पादन करती नजर आई हैं जो भारी बिक्री का संकेत है।
कृषि और फर्टिलाइजर क्षेत्र से जुड़ी कंपनियों Coromandel International National Fertilizers और Bayer CropScience को अच्छे मॉनसून से फायदा होने की उम्मीद है।
रूरल सेटिमेंट में सुधार से टू-व्हीलर, थ्री व्हीलर और फोर व्हीलर वाहनों की बिक्री में भी बढ़त की उम्मीद है। अच्छे मॉनसून का सबसे अच्छा फायदा ट्रैक्टर बनाने वाली कंपनियों को मिल सकता है। इसको ध्यान में रखते हुए निवेशकों को Escorts, M&M, Hero MotoCorp, और TVS Motor पर नजर रखनी चाहिए औऱ इनमें निवेश के मौके खोजने चाहिए।
अच्छे मॉनसून से ग्रामीण भारत की खरीद क्षमता में वृद्धि होगी इसका फायदा एफएमसीजी कंपनियों को मिलेगा। आगे हमें Colgate Palmolive, Dabur India, और Hindustan Unilever के वैल्यूएशन में बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है।
भारतीय इक्विटी बाजार की नजर कोरोना माहामारी की इकोनॉमी पर पड़े प्रभाव और कोरोना बाद की स्थिति में इकोनॉमी की रिकवरी की गति पर रहेगी। इसके साथ ही हमें इस बात पर भी नजर रखनी होगी कि सरकार कोरोना की तीसरी संभावित लहर से निपटने के लिए कितनी तैयार है और इकोऩॉमी को ट्रैक पर लाने के लिए क्या किया जा रहा है।
सोशल मीडिया अपडेट्स के लिए हमें Facebook (https://www.facebook.com/moneycontrolhindi/) और Twitter (https://twitter.com/MoneycontrolH) पर फॉलो करें.
हिंदी में शेयर बाजार, स्टॉक मार्केट न्यूज़, बिजनेस न्यूज़, पर्सनल फाइनेंस और अन्य देश से जुड़ी खबरें सबसे पहले मनीकंट्रोल हिंदी पर पढ़ें. डेली मार्केट अपडेट के लिए Moneycontrol App डाउनलोड करें।