हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स (एचएएल) का शेयर 8 सितंबर को बाजार खुलते ही रॉकेट बन गया। इसकी वजह सरकार का एक बड़ा फैसला है। सरकार की डिफेंस एक्विजिशन काउंसिल (डीएसी) ने 1.1 लाख करोड़ रुपये के डिफेंस इक्विपमेंट खरीद के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। इसमें एडवान्स्ड लाइट हेलिकॉप्टर्स (एएलएच) खरीद का प्रस्ताव भी शामिल है। इसका फायदा एचएएल को मिलेगा।
बाजार खुलते ही 4 फीसदी तक चढ़ गया शेयर
Hindustan Aeronautics Ltd (HAL) का शेयर खुलने के बाद 4 फीसदी तक चढ़ गया। 11 बजे शेयर का प्राइस 3.80 फीसदी चढ़कर 5,039 रुपये पर चल रहा था। एचएएल का शेयर इस साल यानी 2026 में 14 फीसदी से ज्यादा चढ़ा है। एचएएल सरकार की कंपनी है। यह फाइटर जेट और हेलिकॉप्टर्स सहित कई डिफेंस इक्विपमेंट बनाती है और उनका मेंटेनेंस करती है।
विदेशी ब्रोकरेज फर्म CLSA की पॉजिटिव राय
विदेशी ब्रोकरेज फर्म CLSA ने एचएएल के शेयरों पर अपनी पॉजिटिव राय बनाए रखी है। इस साल कंपनी के शेयरों ने निवेशकों अच्छा रिटर्न दिया है, जबकि इस दौरान निफ्ची करीब 9 फीसदी गिरा है। एचएएल का मार्केट कैपिटलाइजेशन 3.37 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा है। बहुत कम PSU का मार्केट कैपिटलाइजेशन इस लेवल का है।
DAC से 1.1 लाख करोड़ के खरीद के प्रस्ताव को मंजूरी
DAC ने 7 सितंबर को करीब 1.1 लाख करोड़ रुपये के डिफेंस इक्विपमेंट की खरीद के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी। इसमें से करीब 98 फीसदी खरीद भारतीय कंपनियों से करनी होगी। ये डिफेंस इक्विपमेंट तीनों सेनाओं-वायु सेना, थल सेना और जल सेना के लिए होंगे। यह डिफेंस इक्विपमेंट बनाने वाली भारतीय कंपनियों के लिए एक बड़ा मौका होगा।
5481 रुपये तक जा सकता है एचएएल का शेयर
सीएलएसए ने एचएएल के शेयरों के लिए 5,481 रुपये का टारगेट दिया है। इसका मतलब है कि 7 सितंबर को क्लोजिंग प्राइस से यह शेयर करीब 13 फीसदी चढ़ सकता है। ब्रोकरेज फर्म ने कहा है कि डीएसी ने HAL से 138 ALH की खरीद को मंजूरी दी है। एचएएल की ऑर्डर बुक काफी स्ट्रॉन्ग है। सीएलएसए ने कहा है कि मार्केट में लीडरशिप पोजीशन के बावजूद एचएएल का शेयर काफी सस्ता है।
शेयर बाजार के प्रमुख सूचकांकों पर लगातार दूसरे दिन दबाव
HAL के शेयरों में 8 सितंबर को तब तेजी दिखी, जब शेयर बाजारों के प्रमुख सूचकांकों पर दबाव दिख रहा था। निफ्टी 0.41 फीसदी यानी 98 अंक गिरकर 23,682 पर चल रहा था। सेंसेक्स 0.52 फीसदी यानी 391 अंक लुढ़ककर 75,734 पर चल रहा था। बैंक निफ्टी पर भी दबाव दिखा। यह 0.27 फीसदी नीचे चल रहा था।
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