Hindustan Copper Share: सरकारी मेटल कंपनी हिंदुस्तान कॉपर (Hindustan Copper) के शेयर पर ब्रोकरेज हाउस आनंद राठी का रुख काफी बुलिश है। ब्रोकरेज ने स्टॉक पर BUY रेटिंग बरकरार रखते हुए 12 महीने का टारगेट प्राइस 715 रुपये रखा है। मौजूदा बाजार भाव 490 रुपये के मुकाबले यह करीब 46% संभावित उछाल का संकेत देता है।
हिंदुस्तान कॉपर पर ब्रोकरेज क्यों बुलिश है?
आनंद राठी का मानना है कि हिंदुस्तान कॉप की मल्टी-प्रॉन्ग कैपेसिटी एक्सपेंशन रणनीति आने वाले वर्षों में ग्रोथ को नई रफ्तार दे सकती है। ब्रोकरेज के मुताबिक, गुजरात कॉपर प्लांट (GCP) को दोबारा शुरू करने के लिए 20 साल का रेवेन्यू शेयरिंग कॉन्ट्रैक्ट किया गया है। इसके अलावा केन्दाडीह कॉपर माइन में प्रोडक्शन फिर शुरू हो गया है। साथ ही, क्षमता बढ़ाने की योजना पर भी काम चल रहा है।
इन प्रोजेक्ट से हिंदुस्तान कॉपर का उत्पादन और मुनाफा दोनों बढ़ने की उम्मीद है। झारखंड और सिक्किम की कुछ बंद खदानों को दोबारा शुरू करने की संभावना है। ये भी लॉन्ग टर्म में कंपनी की ग्रोथ को मजबूती दे सकती हैं।
पहली तिमाही में मजबूत नतीजों की उम्मीद
ब्रोकरेज का अनुमान है कि वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही कंपनी के लिए रिकॉर्ड रहने वाली है। रिपोर्ट के मुताबिक, कॉपर की ऊंची अंतरराष्ट्रीय कीमतों, रुपये की कमजोरी और प्रोडक्शन बढ़ने से कंपनी का रेवेन्यू करीब 8.5 अरब रुपये तक पहुंच सकता है। EBITDA मार्जिन भी करीब 48% रहने का अनुमान है।
लंबी अवधि की ग्रोथ पर दांव
आनंद राठी का कहना है कि इलेक्ट्रिक व्हीकल, रिन्यूएबल एनर्जी, पावर इंफ्रास्ट्रक्चर और इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर में बढ़ती मांग से कॉपर की खपत लगातार बढ़ेगी। इसी को देखते हुए हिंदुस्तान कॉपर अपनी उत्पादन क्षमता बढ़ाने पर बड़ा निवेश कर रही है। रिपोर्ट के मुताबिक, कंपनी FY30 तक बड़े कैपेक्स प्रोग्राम पर काम कर रही है। इससे आने वाले वर्षों में उत्पादन में तेज बढ़ोतरी हो सकती है।
हिंदुस्तान कॉपर का टारगेट प्राइस क्या है?
आनंद राठी ने हिंदुस्तान कॉपर पर BUY रेटिंग बनाए रखते हुए 715 रुपये का टारगेट दिया है। मौजूदा भाव 490 रुपये के मुकाबले यह लगभग 46% के संभावित उछाल का संकेत है। ब्रोकरेज का मानना है कि कंपनी की विस्तार योजनाएं, बढ़ती उत्पादन क्षमता और मजबूत कॉपर डिमांड स्टॉक के लिए लंबे समय में पॉजिटिव साबित हो सकती हैं।
इन जोखिमों पर नजर रखना भी जरूरी
ब्रोकरेज का कहना है कि निवेशकों को कुछ जोखिमों का भी ध्यान रखना चाहिए। इनमें अंतरराष्ट्रीय कॉपर कीमतों में उतार-चढ़ाव, कैपेक्स प्रोजेक्ट्स में देरी, उत्पादन क्षमता बढ़ाने की योजनाओं के समय पर पूरा न होने और वैश्विक कमोडिटी बाजार में बदलाव शामिल हैं। ऐसे जोखिमों का असर शेयर के प्रदर्शन पर पड़ सकता है।
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