Hindustan Zinc Shares: चांदी की चमक धुंधली पड़ने का असर हिंदुस्तान जिंक के शेयरों पर भी पड़ा और आज यह 3% से अधिक फिसल गया। चांदी की गिरावट ने इसके ETF (एक्सचेंज ट्रेडेड फंड) को भी कमजोर कर दिया। हिंदुस्तान जिंक की बात करें तो चांदी की फिसलन का असर इसके शेयरों पर इसलिए पड़ा क्योंकि यह देश में चांदी की सबसे बड़ी प्रोड्यूसर है जोकि 99.9% शुद्धता वाली रिफाइन्ड चांदी तैयार करती है। आज बीएसई पर यह 2.16% की गिरावट के साथ ₹581.15 पर बंद हुआ है। इंट्रा-डे में यह 3.21% टूटकर ₹574.95 तक आ गया था।
गोल्ड और सिल्वर के साथ इनके ईटीएफ भी धड़ाम
MCX पर मार्च एक्सपायरी वाला सिल्वर फ्यूचर्स करीब 2% टूटकर प्रति किग्रा ₹2,35,142 पर आ गया। मई एक्सपायरी वाला कॉन्ट्रैक्ट करीब 2% फिसल गया। अब गोल्ड की बात करें तो अप्रैल एक्सपायरी वाला गोल्ड फ्यूचर्स करीब 1% टूटकर प्रति 10 ग्राम ₹1,53,522 पर आ गया। जून एक्सपायरी वाला गोल्ड भी इस दौरान करीब 1% फिसल गया।
सिल्वर ईटीएफ में बात करें तो सबसे अधिक गिरावट एडलवाइज सिल्वर ईटीएफ में रही, जिसमें करीब 2% की गिरावट आई तो ICICI प्रूडेंशियल सिल्वर ईटीएफ, बंधन सिल्वर ईटीएफ, मोतीलाल ओसवाल सिल्वर ईटीएफ, एचडीएफसी सिल्वर ईटीएफ, यूटीआई सिल्वर ईटीएफ, डीएसपी सिल्वर ईटीएफ, निप्पन इंडिया सिल्वर ईटीएफ (सिल्वरबीज), जीरोधा सिल्वर ईटीएफ समेत अन्य में भी 1% से अधिक गिरावट आई। गोल्ड ईटीएफ में बात करें तो बरोधा बीएनपी पारिबास गोल्ड ईटीएफ में 3.5% से अधिक की गिरावट आई तो इंवेस्को इंडिया गोल्ड ईटीएफ और बिड़ला सन लाइफ गोल्ड ईटीएफ में करीब 2% की गिरावट आई। वहीं बंधन बैंक गोल्ड ईटीएफ, आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल गोल्ड ईटीएफ, एडलवाइज गोल्ड ईटीएफ, डीएसपी गोल्ड ईटीएफ, एसबीआई गोल्ड ईटीएफ, ग्रोव गोल्ड ईटीएफ, मिरे एसेट गोल्ड ईटीएफ और समेत अन्य कई गोल्ड ईटीएफ में 1% से अधिक की गिरावट आई।
क्या कहना है एक्सपर्ट्स का?
सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट जियोपॉलिटिकल टेंशन में कमी के कारण हो सकती है, जिससे सोने-चांदी जैसे कीमती धातुओं में सुरक्षित निवेश विकल्पों को लेकर बाजार का रुझान कमज़ोर हुआ है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का कहना है कि वह मंगलवार को जिनेवा में ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर अमेरिका और ईरान के बीच होने वाली बातचीत में अप्रत्यक्ष रूप से शामिल होंगे और उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें भरोसा है कि ईरान समझौता करना चाहता है। वहीं दूसरी तरफ यूक्रेन और रूस के प्रतिनिधि अमेरिका की मध्यस्थता में शांति वार्ता के एक नए दौर के लिए जिनेवा में मिलेंगे।
गोल्डिलॉक्स ग्लोबल रिसर्च के फाउंडर गौतम शाह ने सीएनबीसी-टीवी18 से बातचीत में कहा कि उन्हें वैश्विक शेयर मार्केट में बड़ा मौका दिख रहा है, लेकिन सोने और चांदी में ऐसी कोई संभावना नहीं है। उनका मानना है कि इस साल की शुरुआत में आई भारी तेजी के बाद इनमें तेज उठा-पटक के साथ कंसालिडेशन दिख सकता है। वीटी मार्केट्स के ग्लोबल स्ट्रेटजी ऑपरेशंस लीड रॉस मैक्सवेल का कहना है कि गिरती ब्याज दरें और कमजोर अमेरिकी डॉलर के चलते चांदी की कीमतों में तेजी दिख सकती है तो सोलर एनर्जी, इलेक्ट्रॉनिक्स और इलेक्ट्रिफिकेशन से इंडस्ट्रियल मांग भी इसे सपोर्ट कर सकती है। हालांकि रॉस का मा मानना है कि मौजूदा स्टॉक और रीसाइक्लिंग फ्लो कीमतों में अचानक तेज उछाल को सीमित कर सकते हैं।
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