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Honeywell ने भारत में स्मार्ट सिटीज पर लगाया दांव, मांग बढ़ने की उम्मीद से बना रही है कई प्रोडेक्ट्स

Honeywell, सोराकॉम सीमेंस और सिस्को जैसी बहुराष्ट्रीय कंपनियां भारत में सरकारी एजेंसियों के साथ मिलकर काम कर रही हैं। हनीवेल ऐसे कई प्रोडक्ट बना रहा है जो बिल्डिंगों और शहरों को अधिक टिकाऊ बनाने में मदद करते हैं। इन प्रोडक्ट्स में ऑप्टिमम टेंपरेचर मैनेजमेंट के लिए सेंसर और सिस्टम जैसे प्रोडक्ट बनाना शामिल हैं

Yatin Motaअपडेटेड Sep 28, 2023 पर 11:57 AM
Honeywell ने भारत में स्मार्ट सिटीज पर लगाया दांव, मांग बढ़ने की उम्मीद से बना रही है कई प्रोडेक्ट्स
McKinsey के एक अध्ययन के अनुसार दुनिया भर में शहरी आबादी वर्तमान में कुल आबादी के 55 प्रतिशत से बढ़कर 2050 तक 68 प्रतिशत हो सकती है। शहरी आबादी में 250 करोड़ लोग बढ़ सकते हैं

भारत में शहरी आबादी कई गुना बढ़ गई है। इस पर फोकस करते हुए अमेरिकी समूह हनीवेल (US conglomerate Honeywell) ने भारत में सस्टेनेबल बिल्डिंग और स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट्स (Smart City Projects) जैसे सेक्टर अपनी उपस्थिति बढ़ाने जा रही है। हनीवेल में कनेक्टेड बिल्डिंग्स के वाइस प्रेजिडेंट और चीफ प्रोडक्ट ऑफिसर, मनीष शर्मा ने कहा, "बढ़ती शहरी आबादी का मतलब होता है टिकाऊ आवास निर्माण करना, ई-गवर्नेंस और नागरिक प्रशासन को बढ़ाना।" उन्होंने कहा बहुत सारी स्मार्ट सिटी भौतिक रूप से नहीं दिखती, लेकिन कई सरकारें कचरा, यातायात और वीडियो सर्विलांस सिस्टम्स के प्रबंधन के लिए सिस्टम और ऑटोमेशन का उपयोग कर रही हैं। भारत जैसे देश अधिक स्मार्ट सिटी बनाना चाहते हैं। ये देश ई-गवर्नेंस के जरिये अपने नागरिकों को बेहतर सेवाएं उपलब्ध कराना चाहते हैं।

2050 तक कुल आबादी का 68 प्रतिशत होगी शहरी आबादी

McKinsey के एक अध्ययन के अनुसार, वैश्विक शहरी आबादी वर्तमान में कुल आबादी के 55 प्रतिशत से बढ़कर 2050 तक 68 प्रतिशत होने की उम्मीद है। इस तरह शहरी आबादी में 250 करोड़ लोगों की भारी वृद्धि देखने को मिल सकती है।

25 जून 2015 को भारत के स्मार्ट सिटी मिशन की शुरुआत की गई। इसका उद्देश्य 'स्मार्ट सॉल्यूशंस' के उपयोग से नागरिकों को मुख्य बुनियादी ढांचा, स्वच्छ और टिकाऊ वातावरण और अच्छी जीवनशैली उपलब्ध कराना है। यह एक परिवर्तनकारी मिशन है जिसका उद्देश्य देश में शहरी विकास एक आदर्श बदलाव लाना है। आज तक 1.1 लाख करोड़ रुपये से अधिक के 6,000+ प्रोजेक्ट्स पूरे हो चुके हैं। बाकी के प्रोजेक्ट्स 30 जून, 2024 तक पूरे हो जाएंगे।

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