ACC की आय बढ़ी लेकिन मुनाफा घटा, अब ब्रोकरेजेस से जानें स्टॉक को खरीदें, बेचें या करें होल्ड

सालाना आधार पर ACC का Q1 CY22 में मुनाफा घटकर 396.3 करोड़ रुपये जबकि आय बढ़कर 4,426.5 करोड़ रुपये रही

अपडेटेड Apr 20, 2022 पर 9:28 AM
Story continues below Advertisement
JEFFERIES ने ACC पर खरीदारी की रेटिंग देकर लक्ष्य 2400 रुपये तय किया है

दिग्गज सीमेंट कंपनी एसीसी (ACC) ने कैलेंडर ईयर 2022 की पहली तिमाही (Q1 CY22) के लिए अपने नतीजे घोषित कर दिये। कंपनी की मार्च तिमाही में नतीजे सुस्त नजर आये। कंपनी का मुनाफा 29% से ज्यादा घटा। रेवेन्यू पर भी दबाव दिखाई दिया। इस दौरान कंपनी का वॉल्यूम भी अनुमान से ज्यादा गिरा। हालांकि कंपनी की मार्जिन के आंकड़े अनुमान के मुताबिक ही रहे।

सालाना आधार पर ACC का Q1 CY22 में मुनाफा 562.6 करोड़ रुपये से घटकर 396.3 करोड़ रुपये रहा। सालाना आधार पर ACC की Q1 CY22 में आय 4,292 करोड़ रुपये से बढ़कर 4,426.5 करोड़ रुपये रही।

सालाना आधार पर ACC का Q1 CY22 में EBITDA 860 करोड़ रुपये से घटकर 634.6 करोड़ रुपये रहा। सालाना आधार पर ACC का Q1 CY22 में EBITDA मार्जिन 20% से घटकर 14.34% रही।


सालाना आधार पर Q4 में सीमेंट सेल्स वॉल्यूम 79.7 Lk Ton से घटकर 77.1 Lk Ton रहा

BROKERAGES ON ACC

JEFFERIES की ACC पर राय

JEFFERIES ने ACC पर राय देते हुए निवेश के लिहाज से इस पर खरीदारी की रेटिंग दी है। उन्होंने प्रति शेयर इसका लक्ष्य 2400 रुपये तय किया है। उनका कहना है कि कंपनी का Q1 में ऑपरेटिंग EBITDA अनुमान के मुताबिक रहा। वहीं Jan-Feb में कमजोर मांग से वॉल्यूम में 3% का दबाव नजर आया।

सीधा सौदा- ऐसे 20 स्टॉक्स जिसमें ट्रेड लेकर आप कर सकते हैं दमदार कमाई

GOLDMAN SACHS की ACC पर राय

GOLDMAN SACHS ने ACC पर न्यूट्रल रेटिंग दी है और शेयर का लक्ष्य 2300 रुपये तय किया है। उनका कहना है कि लागत बढ़ने का दबाव Q2, Q3 में भी संभव है। इतना ही नहीं लागत बढ़ने से मुनाफे पर असर दिखेगा। वहीं कंपनी द्वारा किये जाने वाले क्षमता विस्तार में 1 साल तक की देरी संभव है। इसलिए इस इंडस्ट्री के मुकाबले कंपनी के वॉल्यूम और EBITDA पर दबाव संभव है।

BofAML की ACC पर राय

BofAML ने ACC पर राय देते हुए इस निवेश के नजरिये से अंडरपरफॉर्म रेटिंग दी है। उन्होंने इसके लिए प्रति शेयर लक्ष्य 2000 रुपये तय किया है। उनका कहना है कि कंपनी के Q1 नतीजे अनुमान के मुताबिक रहे। खर्चों में कटौती से लागत बढ़ने का असर कम दिखेगा। वहीं कंपनी के सालाना आधार पर वॉल्यूम में दबाव संभव है। इसके अलावा EBITDA/Tonne में रिकवरी की उम्मीद भी है।

(डिस्क्लेमरः  Moneycontrol.com पर दिए जाने वाले विचार और निवेश सलाह निवेश विशेषज्ञों के अपने निजी विचार और राय होते हैं। Moneycontrol यूजर्स को सलाह देता है कि वह कोई निवेश निर्णय लेने के पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट से सलाह लें। )

 

 

 

हिंदी में शेयर बाजार स्टॉक मार्केट न्यूज़,  बिजनेस न्यूज़,  पर्सनल फाइनेंस और अन्य देश से जुड़ी खबरें सबसे पहले मनीकंट्रोल हिंदी पर पढ़ें. डेली मार्केट अपडेट के लिए Moneycontrol App  डाउनलोड करें।