अडानी विल्मर (Adani Wilmar) ने वित्त वर्ष 2022 की मार्च में समाप्त तिमाही के लिए आज यानी 2 मई 2022 को अपने नतीजे घोषित किये। कंपनी द्वारा जारी किये गये नतीजों के मुताबिक कंपनी का कंसोलिडेटे मुनाफे में सालाना आधार पर 25.6 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई और ये चौथी तिमाही के लिए 234.3 करोड़ रुपये रहा। भारत के अडानी समूह और सिंगापुर के विल्मर इंटरनेशनल के बीच एक ज्वाइंट वेंचर के रूप अडानी विल्मर कंपनी कारोबार करती है।
खाद्य तेल की दिग्गज कंपनी ने मार्च में समाप्त तिमाही के लिए ऑपरेशंस से कंसोलिडेटेड आय में सालाना आधार पर 40.2 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की। कंपनी की कंसोलिडेटेड आया चौथी तिमाही में 14,960.4 करोड़ रुपये रही।
वैश्विक रूप से सनफ्लावर तेल की कीमतों में उछाल और बढ़े हुए टैक्स खर्च के कारण तिमाही में अधिक खर्च हुआ है जिसके कारण शुद्ध मुनाफे में तेज गिरावट देखने को मिली है।
सालना आधार पर वित्त वर्ष 2022 की चौथी तिमाही में अडानी विल्मर का टैक्स खर्च 79.1 करोड़ रुपये रहा।
चौथी तिमाही में कंपनी का कंसोलिडेटेड कुल खर्च 40.3 प्रतिशत बढ़कर 14,726.7 करोड़ रुपये हो गया, जो कि कंपनी के टॉपलाइन ग्रोथ के अनुसार रहा है।
कुल खर्च में से कच्चे माल की खपत में सालाना आधार पर 40 प्रतिशत की वृद्धि हुई, जबकि अन्य खर्चों में 26 प्रतिशत की वृद्धि हुई।
कंपनी की प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी Angshu Mallick ने कहा, "चुनौतीपूर्ण मैक्रो माहौल के बावजूद हमने स्थिर ग्रोथ दर्ज की। खाद्य और एफएमसीजी सेगमेंट दो में डबल डिजिट ग्रोथ देखने को मिली। हमने खाद्य तेल और खाद्य श्रेणियों में अपनी बाजार हिस्सेदारी में बढ़ोत्तरी को जारी रखा है।"
Angshu Mallick ने कहा कि कंपनी खाद्य सेक्टर में इनऑर्गेनिक ग्रोथ के अवसरों और इसमें रणनीतिक निवेश की तलाश करेगी।
अडानी विल्मर ने कहा कि तेजी से बढ़ते उपभोक्ता वस्तुओं के पोर्टफोलियो में उत्पाद की बढ़ी हुई कीमतों के कारण मंदी देखी गई। कंपनी ने कहा, 'ग्रामीण बाजार विकास का वाहक है, लेकिन महंगाई ने मांग पर असर डाला है।'
वित्त वर्ष 2022 की चौथी तिमाही के दौरान कंपनी का वॉल्यूम सालाना आधार पर 16 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 12.9 लाख टन हो गया। अडानी विल्मर का कंसोलिडेटेड ऑपरेटिंग मुनाफा तिमाही आधार पर 29 प्रतिशत बढ़कर 488 करोड़ रुपये हो गया।