Bandhan Bank के शेयर में 10% तक गिरावट, NPA की समस्या से बढ़ा बिकवाली का प्रेशर

Bandhan Bank shares : एनालिस्ट्स के मुताबिक, Bandhan Bank के स्लिपेज 21 फीसदी के ऑल टाइम हाई पर पहुंच गए हैं। बैंक ने 3,500 करोड़ रुपये यानी अपने 4 फीसदी लोन बट्टे खाते में डाल दिए, जो बट्टे खाते में गया अब तक का दूसरा बड़ा आंकड़ा है

अपडेटेड Oct 31, 2022 पर 11:35 AM
बंधन बैंक का शेयर पिछले छह महीने में 29 फीसदी और एक साल में 17 फीसदी टूट चुका है
     
     
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    Bandhan Bank Shares : सितंबर, 2022 में समाप्त तिमाही के कमजोर नतीजे पेश किए जाने के बाद सोमवार, 31 अक्टूबर को इंट्राडे में बंधन बैंक के शेयर में 10 फीसदी की गिरावट देखने को मिल रही है। जुलाई-सितंबर तिमाही के दौरान प्राइवेट बैंक के स्लिपेज के चलते वित्त वर्ष 23 के EPS (earnings per share) में 40 फीसदी तक की गिरावट दर्ज की गई।

    क्या होती है स्लिपेज

    स्लिपेज का मतलब बैंक की ऐसी एसेट्स से होता है जो बॉरोअर्स के 90 दिन से ज्यादा समय तक इंटरेस्ट नहीं चुकाने के कारण नॉन परफॉर्मिंग एसेट्स यानी NPA में तब्दील हो गई हो।


    पूर्वाह्न 11.15 बजे बंधन बैंक का शेयर लगभग 10 फीसदी कमजोर होकर 239 रुपये के आसपास कारोबार कर रहा है। बंधन बैंक का शेयर पिछले छह महीने में 29 फीसदी और एक साल में 17 फीसदी टूट चुका है।

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    इतने लोन बट्टे खाते में डाले

    एनालिस्ट्स के मुताबिक, Bandhan Bank के स्लिपेज 21 फीसदी के ऑल टाइम हाई पर पहुंच गए हैं। बैंक ने 3,500 करोड़ रुपये यानी अपने 4 फीसदी लोन बट्टे खाते में डाल दिए, जो बट्टे खाते में गया अब तक का दूसरा बड़ा आंकड़ा है।

    क्या कहते हैं ब्रोकरेज

    नुवामा इंस्टीट्यूशन इक्विटीज ने कहा, “इतनी ज्यादा स्लिपेज के बावजूद, एसएमए पूल में तिमाही वार कोई बदलाव नहीं आया है।” इसके चलते बंधन बैंक का ईपीएस इस्टीमेट (EPS estimate) वित्त वर्ष 23 के लिए 40 फीसदी और वित्त वर्ष 24 के लिए 19 फीसदी तक घटा दिया गया है।

    ब्रोकरेज ने कहा, हमने कमजोर बिजनेस साइकिल्स को देखते हुए टारगेट मल्टीपल 2.2 गुना से घटाकर 1.8 गुना कर दिया है। ब्रोकरेज ने स्टॉक के हाल के कमजोर प्रदर्शन के बावजूद इसे ‘बाई’ से डाउनग्रेड करके ‘होल्ड’ कर दिया है। साथ ही टारगेटर पराइस 370 रुपये से 280 रुपये कर दिया गया है।

    Motilal Oswal ने कहा कि यह सावधानी बरतने वाली एसेट क्वालिटी बनी हुई है। इसकी क्रेडिट कॉस्ट आगे खासी बढ़ सकती है। मैनेजमेंट वित्त वर्ष 23 के लिए अपने क्रेडिट कॉस्ट गाइडैंस को 2.5 फीसदी से बढ़ाकर 3 फीसदी कर दिया है।

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