चौथी तिमाही में सीमेंट की कीमतें रही सपाट, जानिए आगे के लिए क्या हैं इनकी संभावनाएं

चौथी तिमाही में अक्सर सीमेंट की कीमतों में 3 फीसदी तक की बढ़ोतरी देखने को मिलती है जबकि वित्त वर्ष 2022 की चौथी तिमाही में अब तक सीमेंट की कीमतों में तिमाही आधार पर 1 फीसदी की बढ़ोतरी देखने को मिली है.

अपडेटेड Mar 19, 2022 पर 12:02 PM
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पावर और फ्यूल की कॉस्ट सीमेंट इंडस्ट्री के कुल ऑपरेटिंग लागत में 25-30 फीसदी हिस्सेदारी रखते है।

मार्च महीने में देश के कुछ हिस्सों में सीमेंट की कीमतों में मामूली बढ़ोतरी देखने को मिली लेकिन अखिल भारतीय स्तर पर सीमेंट की कीमतें सपाट रही। Kotak Institutional Equities द्वारा किए गए डीलर्स चैनल चेक से पता चलता है कि उत्तर, पश्चिम और मध्य भारत में सीमेंट की कीमतों में 1 रुपये, 4 रुपये और 8 रुपये प्रति बोरी की बढ़ोतरी की गई। बता दें कि 1 बोरी सीमेंट में 50 किलोग्राम सीमेंट होती है। दूसरी तरफ दक्षिणी और पूर्वी भारत में सीमेंट की कीमतों में गिरावट देखने को मिली है।

Kotak Institutional Equities ने 17 मार्च को जारी अपने एक रिपोर्ट में कहा है कि सीमेंट के एक बोरी का औसत भाव इस समय 377 रुपये है। पिछले आंकड़ों पर नजर डालें तो चौथी तिमाही में अक्सर सीमेंट की कीमतों में 3 फीसदी तक की बढ़ोतरी देखने को मिलती है जबकि वित्त वर्ष 2022 की चौथी तिमाही में अब तक सीमेंट की कीमतों में तिमाही आधार पर 1 फीसदी की बढ़ोतरी देखने को मिली है। इसमें भी सबसे बड़ा योगदान पूर्वी भारत के बाजारों का रहा है।

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यह भी ध्यान रखने की बात है कि इस समय सीमेंट इंडस्ट्री कच्चे माल और लागत में बढ़ोतरी की मांग झेल रही है। इसके साथ ही कीमतों में मामूली बढ़त इसके लिए दोहरी समस्या पैदा कर रही है। पेट्रोलियम कोक और आयातिक कोयले की कीमतें ऊंचे दर पर बनी हुई है। इसके साथ ही पेट्रोल और डीजल की कीमतों में भी बढ़ोतरी की संभावना है। आगे मालभाड़े में भी बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है। ऐसे में निवेशकों को मार्च तिमाही में सीमेंट कंपनियों के कमजोर प्रदर्शन के लिए तैयार रहना चाहिए।

गौरतलब है कि पावर और फ्यूल की कॉस्ट सीमेंट इंडस्ट्री के कुल ऑपरेटिंग लागत में 25-30 फीसदी हिस्सेदारी रखते है। ऐसे में आगे हमें सीमेंट कंपनियों के ऑपरेटिंग मार्जिन पर भारी झटका लगता नजर आ सकता है। वहीं दूसरी तरफ अब तक सीमेंट की कीमतों में हुई बढ़ोतरी उम्मीद से कम रही है। जिसके चलते पिछले कुछ हफ्तों में सीमेंट स्टॉक हमें दबाव में नजर आए है।

इसके अलावा सीमेंट कंपनी के अर्निंग अनुमानों में भी कटौती की गई है जिसके चलते सीमेंट सेक्टर को लेकर निवेशकों के सेटिमेंट पर बुरा असर पड़ा है।

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