Stock Market:पिछले 2 कारोबारी सत्रों से एफआईआई भारतीय बाजार में एक बार फिर खरीदारी करते नजर आ रहे है। इस बात से दलाल स्ट्रीट में इस तरह की चर्चा शुरु हो गई है कि अब बाजार अपने अधिकतम संभावित निचले स्तर तक गिर चुका है और अब इसमें यहां से फिर तेजी आती दिखेगी। अब लंबे वीकेंड के बाद सोमवार को बाजार खुलने पर हमें एफआईआई की जोरदार खरीदारी देखने को मिलेगी। हालांकि बाजार की बड़ी चिंता डीआईआई को लेकर है जो कि रूस-यूक्रेन के युद्ध के कारण हाल ही में बाजार में गिरावट के दौर में सुरक्षात्मक रुप अपनाते नजर आए है।
दिग्गज निवेशक विजय केडिया का कहना है कि वर्तमान जियोपॉलिटिकल तनाव के ठंडे पड़ने के साथ ही बाजार में एक बार जोरदार रिबाउंड देखने को मिलेगा। उन्होंने यह भी कहा कि बाजार का वास्तविक गेम तभी शुरु होगा जब डीआईआई और एफआईआई जब दोनों नेट बायर रहेंगे।
विजय केडिया ने अपने ट्वीटर हैंडल पर अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा है कि बाजार में खेल तब शुरु होगे जब एफआईआई बाजार में खरीदारी करते नजर आएगे और डीआईआई भी जॉबर का काम करने की जगह बायर बनते दिखेंगे।
गौरतलब है कि डीआईआई द्वारा भारी खरीदारी के बावजूद अक्टूबर 2021 से एफआईआई भारतीय बाजार में लगातार बिकवाली करते नजर आ रहे है। मार्च 2022 में एफआईआई ने 121,023.61 करोड़ रुपये शेयरों की खरीदारी की जबकि इसी अवधि में उन्होंने 162,640.79 करोड़ रुपये शेयरों की बिकवाली की। ऐसे में मार्च में वे भारतीय बाजार में 41,617.18 करोड़ रुपये के नेट सेलर रहें। हालांकि पिछले 2 दिनों ने एफआईआई नेट बायर रहे है। 16 मार्च को भारतीय बाजारों में एफआईआई की तरफ से 311.99 करोड़ रुपये की खरीदारी दिखी। वहीं 17 मार्च को इन्होंने भारतीय बाजार में 2800.14 करोड़ रुपये डालें।
अब अगर डीआईआई पर नजर डालें तो मार्च 2022 में डीआईआई ने 113,271.75 करोड़ रुपये शेयरों की खरीदारी की है जबकि इसी अवधि में इन्होंने 81,651.73 करोड़ शेयरों की बिकवाली की है। इसका मतलब यह है कि डीआईआई ने मार्च में भारतीय बाजारों में 31,620.02 करोड़ रुपये डालें है और यह इस अवधि में नेट बायर्स रहे है। इसी तरह डीआईआई ने फरवरी 2022 में भारतीय बाजारों में 42,084 करोड़ रुपये के और जनवरी 2022 में 21,928 करोड़ रुपये और दिसंबर 2021 में 31,231 और नवंबर 2021 में 30,560 करोड़ रुपये की खरीदारी की।
पिछले हफ्ते बाजार की चाल पर नजर डालें तो 17 मार्च को खत्म हुए हफ्ते में भारतीय बाजार में लगातार दूसरे हफ्ते तेजी देखने को मिली। कच्चे तेल का उबाल थमने, रूस और यूक्रेन के बीच शांतिवाद का आगे बढ़ने की संभावना और 10 हफ्ते बाद एफआईआई की खरीदारी लौटने जैसे कारणों की वजह से बाजार 4 फीसदी की बढ़त के साथ बंद हुआ।
बीएसई सेंसेक्स 2,313.63 अंक यानी 4.16 फीसदी की बढ़त के साथ 57,863.93 के स्तर पर बंद हुआ। वहीं निफ्टी 656.6 अंक यानी 3.94 फीसदी की बढ़त के साथ 17,287.05 के स्तर पर बंद हुआ।