जानकारों का कहना है कि वित्त वर्ष 2023 की पहली तिमाही में सीमेंट कंपनियों के अर्निंग पर दबाव देखने को मिल सकता है। इस अवधि में कंपनियों की बढ़ती उत्पादन लागत और उनके रियलाइजेशन में कायम सुस्ती का असर कंपनियों के प्रदर्शन पर दिखेगा। पहली तिमाही में कोल और पेट कोक की बढ़ती कीमतों की वजह से सीमेंट कंपनियों के मार्जिन पर दबाव की संभावना है।
