सरकारी प्रोजेक्ट्स में नियमों के उल्लंघन पर सरकार सख्त होती जा रही है और इसकी जांच में तेजी लाने के लिए कदम उठा रही है। सरकारी प्रोजेक्टस में प्रीफरिंशियल मार्केट एक्सेस नियमों के उल्लंघन की जांच में तेजी लाने के लिए दूरसंचार विभाग ने पोर्टल लॉन्च किया है। इस पोर्टल पर घरेलू टेलीकॉम इक्विपमेंट वेंडर अपनी शिकायत दर्ज करा सकेंगे। दूरसंचार विभाग ने शिकायतों के जल्द निपटारे के लिए कमेटी भी बना दी है।
सीएनबीसी-आवाज़ के असीम मनचंदा ने बताया कि सरकारी प्रोजेक्ट में नियमों के उल्लंघन पर सरकार के इस कदम से सुनवाई आसान हो जायेगी। इसके लिए टेलीकॉम विभाग ने पोर्टल लांच किया है। इस पोर्टल पर अब सीधे घरेलू टेलीकॉम इक्विपमेंट विक्रेता अपनी शिकायतें अपलोड कर सकेंगे। इतना ही नहीं सरकार ने शिकायतों की जांच के लिए कमेटी भी बना दी है जो शिकायतों पर जल्द निपटारे की कार्रवाई करेगी।
असीम ने आगे कहा कि सरकारी प्रोजेक्ट में घरेलू कंपनियों के लिए 30 परसेंट रिजर्वेशन है। इसके बावजूद अभी भी नियमों का पालन ढंग से नहीं हो रहा है। इसके बारे में कैबिनेट सचिव ने भी मंत्रालयों को चिट्ठी लिखी थी। जिसके संबंध में अगस्त में सभी मंत्रालयों को निर्देश दिए गये थे।
इस संबंध में दिये गये निर्देश के तहत कहा गया था कि सरकारी प्रोजेक्ट में घरेलू कंपनियों को तरजीह मिलनी चाहिए। जिसका पालन होना जरूरी है। वैसे भी मेक इन इंडिया के तहत कंपनियों को फायदा मिलना चाहिए इसके लिए जरूरी व्यवस्था करने को कहा गया था।
असीम ने कहा कि सरकार के इस कदम से भारतीय कंपनियों जैसे ITI, Tejas, D-Link, Sterilite Tech, HFCL को फायदा होगा। आज बाजार में इस खबर के आने के बाद घरेलू टेलीकॉम कंपनियों के शेयरों में ऐक्शन भी देखने को मिला।